विकसित भारत 2047 की झुठी सपना,वित्त मंत्री की सोंच धरातल पर दिख रही हैं।
रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार लगातार विकसित भारत 2047 की सपना दिखा रही है, जब जब वित्त मंत्री का बजट भाषण आता है तब तब बड़े गर्व के सांथ विकसित भारत 2047 का बखान किया जाता है किन्तु धरातल पर जो दिख रहा है वो कुछ और ही है।
दरअसल मामला बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत बालापानी गांव का है जहां पर बुनियादी सुविधाओं की कमी से ग्रामीण लगातार परेशान है! जिसका वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। सड़क सुविधा के अभाव में गंभीर रूप से बीमार एक महिला को चार ग्रामीणों ने खाट पर बैठाकर कई किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन का दावा है कि गांव तक सड़क है लेकिन चढ़ाई के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई होगी? यह होगी शब्द समझ से परे जैसा लग रहा है।

जानकारी के अनुसार बालापानी गांव निवासी महिला के पूरे शरीर में सूजन थी और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। समय पर उपचार न मिलने के चलते परिवारजन और ग्रामीणों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। हालांकि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस सेवा वहां तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को खाट पर बैठाकर दुर्गम रास्तों से पैदल लक्ष्मणपुर तक पहुंचाया, जहां मुख्य सड़क पर एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी। विगत कई वर्षों से परेशानी झेल रहे ग्रामीणों का कहना है कि क्या अब 2047 में सड़क बनेगी। बता दें कि भाजपा का संकल्प पत्र, 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प है।

छत्तीसगढ़ में अधिकारी, कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी,अनियमित ,संविदा ,आंगनबाड़ी,मध्यान भोजन रसोइया, स्कुल सफाई कर्मचारी,से लेकर पुरा ग्रामीण परेशान हैं,कांग्रेस और भाजपा की सरकार में कोई अंतर नही है! दोनो पार्टी ने जन घोषणाएं पत्र तैयार किया और दोनो मुकर गया लोगों को तरसा रहे है,देर से किया हुआ न्याय भी अन्याय के समान है।

ये से ही हाल पूर्व में रमन सरकार के काल में हुआ था, आखरी समय में शिक्षा कर्मियों को नियमित किया और हताष शिक्षाकर्मी, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, अनियमि कर्मचारी, आंगनबाड़ी, स्कुल सफाई कर्मचारी लोगों ने सरकार गिराने में अपनी अहम भूमिका अदा किये थे, कहीं इस बार भी स्थिति येसा ही न हो जाये!

