बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टरों की लापरवाही से 05 वर्षीय नाबालिक बच्चे की मौत:- कारण है टीका
रायपुर / छत्तीसगढ़ महासमुंद जिला के बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की बड़ी लापरवाही खुलकर सामने आया है!
दरअसल मामला यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा की बड़ी लापरवाही 05 वर्षीय बच्चे को डीटीपी का टीका लगाने से 03 घंटे बाद बच्चे नैतिक यादव की मौत हो गई हैं।
बागबाहरा में शोक की लहर है पिड़ीत परिजनों ने आवाज उठाया की बच्चे की पोस्ट मार्टम बाहर से कराया जाये ताकी उनकी मौत का कारण स्पष्ट हो सके।
05 वर्षिय बच्चे नैतिक के पिता जी पुलिस विभाग खल्लारी थाना में पदस्थ है, वर्तमान में शांतिनगर बागबाहरा मे निवासरत थे, एक पिता का पिड़ा असहनीय है बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की लापरवाही ने मासूम बच्चे की सांसे छीन ली है।
बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चलती है दादागिरी व मनमानी
बागबाहरा स्वास्थ्य विभाग का कुछ अलग ही पहचान है जहां पर नियम विरूद्ध कार्य चलते हुए आ रहा है, डाक्टर पिड़ीतों एवं मरीजो के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नही रहते है, लगातार भीड़ व जमावड़ा रहता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की या लापरवाही को दरसाता है।
बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पुरूष स्वास्थ्य संयोजक को बना दिया गया है बाबु,
बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के गजब कारनामा सामने आया है, एक येसा पुरूष स्वास्थ्य संयेजक है जो टीकाकरण के कार्य को छोड़कर बाबु बनकर एक दसक पूर्व से आफिस में बैठा हुआ है।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश किया है कि पुरूष स्वास्थ्य संयोजक को अपने मूल कार्यों में भेजकर उनसे पद के अनुरूप कार्य लिया जाये, किन्तु बागबाहरा खण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उक्त निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए निर्देश का एकाएक अवहेलना किया है।
जिसका काम है वार्डों में घुम घुमकर टीकाकरण,वो कार्यालय में बैठकर अपनी रोटी सेंक रहे है और लगातार घटनाएं घटती जा रही हैं।

टीकाकरण के बाद से हुआ है 05 वर्षीय बच्चे की मौत इसके जिम्मेदार कौन ,एक लापरवाही ने परिवार की खुशी छिन लिया । अब तो लोग टीका लगवाने के लिए भी डरेंगे ,
क्या विभाग जांच करेगा की उस
समय ड्युटी किनका था?
किसने लगाया टीका?
और कौन सा लगाया टीका?
मलाईदार सुख पिड़ीतों की जान लेते जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं चरमराई हुई है, 24 घंटो सेवाएं रहने के बजाए सिमित समय निर्धारण के कारण डाक्टर उपलब्ध नही हो पाते हैं!
बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लंबे समय से पदस्थ तमाम कर्मचारी अधिकारी को एक जगह से दुसरे जगह स्थानांतरण किया जाना आवश्यक हो गया है ताकी वे समय के महत्व को समझ सके, और येसे घटनाओं से बंचा जा सकें!
पिड़ित पिता ने बताया
आगे देखना होगा की पोस्टमार्डम का रिपोर्ट क्या कहता है।

