अचानकमार के सुरही वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर मनिष श्रीवास्तव और रेंजर पल्लव नायक को रिस्वत लेते हुए ACB की टीम ने किया रंगे हाथों गिरफ्तार
रायपुर / छत्तीसगढ़ के वन विभाग में नित नये नये कारनामा उजागर होते जा रहा हैं, शासन के द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीबी बिलासपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही वन परिक्षेत्र में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को ₹50,000 रूपया रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

शिकायत के आधार पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह के अनुसार, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिसंबर 2025 में वायरल हुई एक रील विडियो फुटेज के मामले में वन विभाग द्वारा उसके वाहन को जब्त किया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि प्रकरण में जल्द चालान पेश करने और जप्त वाहन वापस करने हेतु निवेदन किया गया, वाहन वापसी के एवज में डिप्टी रेंजर के द्वारा 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। साथ ही, पूरा मामला निपटाने के लिए 04 से 05 लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई, गुरुवार को शिकायतकर्ता को कोटा स्थित “मित्र मिलन रेस्टोरेंट” में रिश्वत की पहली किस्त ₹50,000 देने भेजा गया। जैसे ही डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने रकम ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान रेंजर पल्लव नायक भी मौके पर मौजूद पाए गए और उनके द्वारा भी रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
एसीबी ने मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा पल्लव नायक के खिलाफ धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ACB की लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप
एसीबी बिलासपुर द्वारा पिछले दो वर्षों में यह 45वीं ट्रैप कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप की स्थिति है।
एसीबी की अपील
एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें, ताकि ऐसे भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

आपको बता दें की यही मनीष श्रीवास्तव है जो मरवाही वन मंडल में प्रभारी रेंजर के रूप में पदस्थ रहा,मरवाही में इनकी बोल बाला था गुप्त सुत्रों से पता चला है कि वहां भी करोड़ो रूपया का भ्रष्टाचार हुआ है।

