सीमेंट के दामों ने मचाया है हाहाकार आम जनता,ठेकेदार-विल्डर्स हालाकान :- भूपेन्द्र सिंह ठाकुर
रायपुर / छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों सीमेंट की कीमत चरम सीमा पर है, छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी से निर्माण क्षेत्र हाहाकार मच गया है। सोमवार से कंपनियों ने सीमेंट के दाम 30 रुपए प्रति बोरी तक बढ़ा दिए हैं, जिससे बाजार में असंतुलन की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा की सीमेंट जैसे चिजों पर अचानक बढ़ोतरी करना कहीं न कही गरीब किसान मजदूर के जेब में डांका डालने जैसा है। वर्तमान में इसका असर प्रधान मंत्री आवास कार्य में भी देखने को मिल रहा है, इस इस बढ़ोतरी का असर न केवल खुले बाजार में बल्कि सरकारी परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट पर भी देखने को मिल रहा है। मकान निर्माण करने वाले ग्राहक और ठेकेदार -बिल्डर विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे है जिसके कारण आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

चार दिन पहले एसीसी सीमेंट 255 रुपए में बिक रहा था जो अभी मार्केट में 290 रुपये है। अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग जो 260 रुपया में बिक रहा था उसका दाम अभी मार्केट में 300 रुपया प्रति बैग हो गया है। ज्ञातव्य है अभी सीमेंट के उठाव भी उतना ज्यादा नहीं होने के बावजूद भी सीमेंट कंपनिया इतनी अधिक दाम क्यों बढ़ा दिए है किसी के गले नहीं उतर रहा है। ऐसे भी अत्यधिक गर्मी और बरसात में सीमेंट की दाम ऐसे भी सामान्य रहता है पर ना छत्तीसगढ़ में कोई चुनाव का मौसम है ना कोई बढ़ाने की जरूरत है फिर भी अचानक कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाया जाना समझ से परे है ।
छत्तीसगढ़ में ही सीमेंट की सर्वाधिक कंपनियां स्थापित है जिसे कोयला पानी बिजली और अन्य कच्चा मॉल भी छत्तीसगढ़ से ही उपलब्ध होता है। व्यापारियों का कहना है कि कंपनियां पिछले कुछ दिनों से कीमत बढ़ाने की बात कर रही थीं, लेकिन इसके पीछे कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से बाजार में असंतोष है।
महासमुंद कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह ठाकुर व कुछ कारोबारियों का मानना है कि कंपनियां अपने मासिक लक्ष्य पूरे करने के लिए इस तरह की कीमतों में बदलाव कर रही हैं जो कि सहीं नही है।
ब्रांड के अनुसार नई कीमतें
सीमेंट के प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां 60 बोरी की कीमत 230 से 270 रुपए के बीच थी, अब यह बढ़कर 260 से 300 रुपए तक पहुंच गई है।

अल्ट्राटेक: 270 से बढ़कर 300 रुपए
एसीसी: 250 से बढ़कर 280 रुपए
जेके लक्ष्मी: 230 से बढ़कर 260 रुपए
नोवोको: 230 से बढ़कर 260 रुपए
थोक और खुदरा बाजार में अंतर बढ़ा
नई दरों के लागू होने के बाद थोक बाजार में सीमेंट 260 से 340 रुपए प्रति बोरी तक पहुंच गया है, जबकि खुदरा बाजार में यही सीमेंट 300 से 350 रुपए में बेचा जा रहा है। इस अंतर के कारण आम उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। सबसे महंगे ग्रेड के सीमेंट की कीमत भी बढ़कर 340 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले लगभग 310 रुपए के आसपास थी।खुदरा बाजार में इन कीमतों पर अतिरिक्त मार्जिन जोड़कर ग्राहकों से और अधिक राशि ली जा रही है। कीमतों में बढ़ोतरी का असर सरकारी परियोजनाओं पर भी पड़ने वाला है। नॉन-ट्रेड सीमेंट, जो सरकारी कामों में उपयोग होता है, उसके दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। इससे निर्माण लागत में इजाफा होगा और कई परियोजनाएं महंगी हो सकती हैं।
दूसरे राज्यों में सस्ता मिल रहा सीमेंट ठेकेदारों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में तैयार होने वाला सीमेंट अन्य राज्यों में यहां की तुलना में सस्ता बेचा जा रहा है। वहां यह लगभग 40 रुपए प्रति बोरी कम कीमत पर उपलब्ध है, जिससे स्थानीय बाजार में नाराजगी बढ़ रही है।
कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के सीमेंट के दामों में वृद्धि की घोर विरोध करती है, गरिबों के जेब में डांका डालना कहां की न्याय है, किसान हितैषी गरिब हितैषी बचाने वाले भाजपा की सरकार का रूख वर्तमान परिवेश में सही नही है।

