बागबाहरा में कुछ पटवारियों के द्वारा काम के नाम से किया जा रहा है अवैध वसूली
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला में बागबाहरा तहसील में राजस्व मामले में कुछ पटवारियों का भाग खुल गया है!
ग्रामिणों ने बताया कि कुछ सक्रीय दलाल के सांथ कंधे से कंधे मिलाकर कार्य किया जा रहा है!
ग्राम सिर्री पठारीमुड़ा पटवारी हल्का नंबर 50 में ग्रामिण विगत कई वर्षों से खसरा नंबर 502 ,549 ,660 ,547 ,596 ,549 , शासकीय भूमि पर काबिज होकर जीवन यापन करते हुए आ रहे है!
खसरा नंबर 660 के तुकड़ा में पुनऊ राम निषाद काबिज है जिस जमिन पर उनके घर, बाड़ी है तथा उसी से लगे हुए जमीन में कास्ताकारी कर बोते खाते हुए आ रहे है!जीवराखन,पुनऊराम निषाद,निलकंठ,भागीरथी, मंगलु से काबिज चढ़ाकर नक्शा खसरा व पट्टा बनाने के नाम से 50,000-50,000 रूपया लिया गया है किन्तु आज दिनांक तक कोई काम ही नही किया!
जिस भूमि पर ग्रामीण कास्तकारी करते हुए आ रहे है उन लोगों के नाम न चढ़ाकर पटवारी येसे लोगों के नाम से काबिज चढ़ाकर रिकार्ड बना दिया है जो सिर्री पठारीमुड़ा का निवासी ही नही हैं।
सिर्री पठारीमुड़ा में यह जमीन घोटाला का मामला भयावह रूप लेने वाला है, सीमांकन कार्य 15 जून के पहले करना रहता है उसके बाद नही किया जाता है! क्योंकि किसान सब अपने किसानी कार्य में लगजाते है किन्तु जिस प्रकार से सीमांकन हो रहा हैं उससे स्पष्ट होता है कि इस षड़यंत्र में बड़े अधिकारी का भी हांथ है!
कहते है न पैसा बोलता है…..
पैसों के बल में ग्रामिणों का आवाज दबा दिया जा रहा है,और राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी मालामाल हो रहे है!
राजस्व विभाग में लंबे समय से धांधली चलते हुए आ रहा है, गरिबों के सांथ अन्याय करना उचित नही है, नक्शा में चिन्हाकित कर नाम चढ़ाने के लिये अनाप शनाप पैसा लिया गया है!
अन्य बाहरी व्यक्ति के नाम से कब्जा चढ़ा दिया जाना,पट्टा बना दिया जाना राजस्व विभाग के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाता है,और राजस्व विभाग के कार्यों पर संसय उत्पन्न होता है!
पत्रकारों के द्वारा आवाज उठाने पर,कुछअधिकारी अमर्यादित ढंग से पेस आते है,दादागिरी जैसा हरकत करते है, जब प्रकाशन होता है तो उस पर कार्यवाही करने के बजाय प्रकाशन करने वाले को नोटिस दिया जाता हैं।
यहीं पर ही समझ आ जाता है कि अधिकारी कितने निष्पक्ष है???
अगर विधिवत रूप से जांच कर कार्यवाही नही किया जाता है तो उक्त मामले को लेकर जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में प्रकरण दायर किया जायेगा,जिसमें संबंधित अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया जायेगा।
