वन विकास निगम बारनवापारा परियोजना मंडल के आरंग रेंज में क्षेत्र रक्षक,डिप्टी रेंजर, रेंजर, उप मंडल प्रबंधक की लापरवाही आया सामने …. वन भूमि से चोर ले गये लाखो रूपया का मुरूम
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड बारनवापारा परियोजना मंडल अब अपने आप को वास्तव में एक लिमिटेड ही बना लिया है! शासन प्रशासन की कोई खौफ नही है, जिसके कारण वन विकास निगम के अधिकारियों ने चुप्पी साध लिया है!

संचार क्रांति न्यूज में प्रकाशन के बाद हरकत में आई वन विकास निगम के अधिकारियों ने खानापूर्ति के लिए निर्दोष क्षेत्र रक्षक को बली का बकरा बना दिया गया जब मंडल प्रबंधक और उप मंडल प्रबंधक को पता है कि संबंधित बीट के क्षेत्र रक्षक छुट्टी पर है नो वर्क नो पेय में है फिर भी उसे निलंबन किया जाना एक बहुत बड़ी संदेह और साजिस को जन्म देता है!

उसके अवकाश के दौरान कौन था बीट के चार्ज पर कौन है उस क्षेत्र के डिप्टी रेंजर वह भी तो पूर्ण रूप से दोषी है पर उन्हे क्यों बंचाया जा रहा है यह एक बहुत बड़ी सवालिया निशान हैं। कहीं ऐसा तो नही जो डिप्टी रेंजर के चार्ज पर है वह कमाकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक मलाई पहुचाता होगा इसलिये उन्हे निलंबन नही किया!
वन विकास निगम लगातार विनाश की ओर बढ़ रहा है, आरंग रेंज के अंतर्गत नवागांव बीट के कौंवाझर बीट में गजब का खेला जारी है, मालीडीह से गुर्रूडीह मार्ग पर रोड़ के अगल बगल जो कक्ष क्रमांक 816 है उसमें लगभग 12 से 15 एकड़ वन विकास निगम के जमीन को जमकर खुदाई कर मुरूम को निकालकर ले जाया गया है! वर्तमान में उस बीट पर क्षेत्र रक्षक और डिप्टी रेंजर के दोनों दायित्वों को टीके लाल साहु सम्हाल रहा हैं, वर्तमान में वहां पर पदस्थ क्षेत्र रक्षक छुट्टी पर है उसका वेतन ही नही बन रहा है तो किस हिसाब दोषी मानकर निलंबित किया गया है यह चिंता का विषय है। जिस प्रकार से वन विकास निगम के जंगलों को बंदर बाट किया गया है उससे येसा प्रतित होता है कि,क्षेत्र रक्षक,डिप्टी रेंजर, रेंजर और उप मंडल प्रबंधक का हांथ है।
वन भूमि से अवैध तरीके से मुरूम की खुदाई एक गंभीर वन अपराध है,इसके तहत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धाराओं जैसे धारा 26, धारा 33, धारा 80A के अंतर्गत एफआईआर और 15,000 रू से भी अधिक जुर्माना लगता है तथा जेसीबी,ट्रक, जब्त करने और 1-2 वर्ष तक जेल की सजा का प्रावधान भी है। वन विभाग अवैध खनन रोकने के लिए तत्काल नोटिस जारी करता है और दंण्डनात्मक कार्यवाही करता है किन्तु वर्तमान में वन विकास निगम के द्वारा येसा नही किया गया है जिसके कारण वन विकास निगम के समस्त अधिकारी कर्मचारी संदेह के दायरें में है।
लेकिन जिस प्रकार से जमीन की खुदाई करके अवैध तरिका से मुरूम निकाल ली गई है उसकी भरपाई कौन करेगा, मंडल प्रबंधक या उप मंडल प्रबंधक या फिर रेंजर डिप्टी रेंजर, कहीं येसा तो नही की समन्वय के राह पर चलते हुए इतनी भारी तादाद में खुदाई के बाद भी धृतराष्ट्र जैसे स्थिति रह गई हो?? जब वनों का संरक्षण करने वाले ही जंगलों और वन भूमि को बेंचना चालु कर दें तो विनाश निश्चित है, चोरी,आग, वन्यप्राणियों के सुरक्षा सहित तमाम प्रकार के शपथ लेने वाले वर्दीधारी अपनी ईमान बेंच चुके है येसा संदेह होने लगा है।
क्षेत्र रक्षक तथा वर्तमान में डिप्टी रेंजर के कुर्सी पर बैठकर मलाई खाने वाले टीके लाल साहु का हरकत जब वरिष्ठ अधिकारी जानेगा तो एक पल भी बारनवापारा परियोजना मंडल में नही रखेगा। ये वही टीके लाल साहु है जो लंबे समय से बार नवापारा परियोजना मंडल के आरंग रेंज में पदस्थ है जिनके बड़े बड़े काले कारनामे है चाहे जंगल की अविधिक ढंग से कटाई का मामला हो,या अतिक्रमण का मामला हो!

टीके लाल साहु लंबे समय से पदस्थ है इनके द्वारा गणना के विपरीत वनों की कटाई कराया जाता है, जितने वृक्ष मार्किंग हुए रहते है उतना ही कटाई करवाना चाहिए लेकिन येसा बिल्कुल भी नही होता है बल्की मार्गिंग के विपरीत थिनिंग कार्य कराते हुए बिना मार्किग के वृक्षों का कटाई करा दिया जाता है और वर्तमान में काटा भी गया है।

जब सीजी संचार क्रांति न्यूज एवं संचार भारत न्यूज की टीम ने गुर्रूडीह क्षेत्र का दौरा किया तब नजारा देखने को मिला, ये वही भूमि था जहां से अतिक्रमण कारियों को खदेड़ा गया था। लेकिन राजनीतिक धमक के आगे नतमस्तक हो चुके है छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी कर्मचारी ,जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो ना वन रहेगा न वन्यप्राणी, न जल रहेगा न जंगल और ना ही जमीन!

सीजी संचार क्रांति न्यूज की टीम ने जब प्रबंध संचालक से दुरभाष में चर्चा किया और वन कक्ष 816 के नजारा का विडीयों फोटो भेजकर चल रहे काली करतूत की पर्दाफास किया तब कहीं जाकर वन विकास निगम में हड़कंप मचा है। क्या छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक क्षेत्र रक्षक, डिप्टी रेंजर, रेंजर,उप मंडल प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करेगा या सह देगा।

प्रबंध संचालक आरंग परिक्षेत्र के कौवाझर/ नवागांव बीट में हुए कूप कटाई का विधिवत जांच करेगा,अगर जांच करेगा तो निश्चित ही सस्पेंड होगा क्योकिं सीजी संचार क्रांति न्यूज की टीम ने जंगल के अंदर जाकर हुए कूपों की कटाई देखा निरीक्षण किया तो पता चला की येसे वृक्षों का भी कटाई कर दिया है जो कटाई व थिनिंग योग्य ही नही था। मार्किंग से अधिक वृक्षों की कटाई कर दिया गया है।
उप मंडल प्रबंधक के कार्यशैलियों पर पूर्व से ही प्रश्न चिन्ह लगते हुए आ रहा है, ये वही उप मंडल प्रबंधक है जो निर्दोष के उपर कार्यवाही करते है और दोषी को बंचाते है लेकिन वर्तमान में उनके कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़ा हो रहा है।

ये लोग वही अधिकारी कर्मचारी है जो घर में घुंसे घुंसे ड्यूटी करता है जिसका परिणाम वनो की अवैध कटाई, अतिक्रमण, जंगलों की खुदाई हो रहा है ! बेच गये वनों की भूमि को , क्या निगम के कर्मचारी मुरूम निकाल रहे जेसीबी व हाईवा को जब्त किया है, क्या मुरूम निकालने वाले या निकलवाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही किया है , क्या डिप्टी रेंजर टिके लाल साहु को निलंबित किया है, क्या टीके लाल साहु को बारनवापारा से हटाया जायेगा या फिर रसदार मलाई खाने के लिए उनकी पदस्थिति यथावत रहेगा।

