वन मंडलाधिकारी कोरबा ने दिया जानकारी की कोरबा वन मंडल के कुल 73 दैनिक वेतनभोगी ही रहे हड़ताल पर,
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत दैनिक वेतन भोगी,वाहन चालक,कार्यालय सहायक, कम्प्यूटर आपरेटर,सुरक्षा श्रमिक लोग रायपुर तुता धरना स्थल पर कुल 48 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल में थे! हमारे शगुप्ता न्यूज के संपादक को वन मंडलाधिकारी कोरबा ने सूचना के अधिकार के तहत लिखित रूप से जवाब दिया है कि 48 दिन के अनिश्चित कालीन हड़ताल में ,श्री कृष्ण कुमार देवांगन,श्री जगदीश दीक्षित,श्री विनोद कुमार यादव,श्री हरिशंकर शर्मा,श्री ओम प्रकाश,श्री भरतलाल यादव,श्री टिकेश्वर ध्रुव,श्री कमलेश बर्मन,श्री पुरुषोतम यादव,श्री संदीप सोनी,श्री रामखिलावन चादय,श्री रमेश कुमार यादक,कमलेश बर्मन, श्री अभय जायसवाल,श्री शंकर खैरवार,श्री राधेश्याम यादव,श्री रवि सिंह ठाकुर,श्री परमेश्वर खैरवार,श्री सुकदेव ध्रुव,श्री कुंवर अजय कुमार,श्री समारू हरवंश,श्री हरेनाथ सिंह,श्रीमति मीनाक्षी शुक्ला,श्री आर वेंकटय्या,श्री महेश राठिया,श्री सतीश राठौर ,श्रीमती सुमित्रा बाई,श्री रविन्द्र निर्मलकर,श्री सौरभ मिश्रा,महेत्तर,श्री सईद मोहम्मद, श्री चंद्रशेखर राठिया,सुनील बरेठ,श्री सौखीलाल कंवर,श्री मनोज राठिया,श्री हीराधर श्रीवास, श्री रेवालाल निषाद,श्री रामेश्वर श्रीवास,श्रीमति चंदाबाई जायसवाल,श्री तारन राठिया,श्री सुन्दर पटेल,श्री रामदयाल महंत,सुश्री संध्या मिश्रा,लक्ष्मीनारायण यादव, गोरेलाल प्रजापति,सुंदर पटेल,तेजलाल निषाद,श्री रामभिक्षुक वस्त्रकार,श्री बंधन सिंह,श्री कांशीराम ध्रुव,श्री धुमदास महंत,श्री रामदास पनिका,श्री बाबूदीस मानिकपुरी,श्री अंगदलाल राठिया,श्री नवधा,श्री मिलाप सिंह ऊपर,श्री लक्ष्मीनारायण यादव,श्री गोरेलाल प्रजापतिं, श्री तेजलाल निषाद,श्री कमल कुमार बसोड,श्री महावीर यादव,श्री भुजबल गादद,श्री सौरम सोनी,श्री चमरा सिंह,श्री मनोज दास मानिकपुरी,श्री संतोष कुमार यादव,श्री मुकेश यादव,श्री यशवंत कुमार,श्री सुरेन्द्र कुमार तुरकानें,श्री श्रवण कुमार यादव, श्री महत्तम सिंह कंवर,श्री संजू कुमार,श्री रवि शर्म,श्री रामखिलावन निर्मलकर,श्री साखन राम यादव,श्री कमल सिंह मंझवार,श्री भीषम सिंह,श्री सत्यनारायण सिंह गोड येसे 73 लोग हड़ताल में उपस्थित थें जिसकी सत्यापित कापी पढ़ा जा सकता है।
महिला मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती चेमन बाई साहु ने बताया की कुछ असमाजिक तत्व के लोग संघ में ना होते हुए भी संगठन को तोड़ने के इरादा जगह जगह दुष्प्रचार प्रसार कर रहे है। ताकि लोग छ.ग.दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ को छोड़कर किसी दुसरे संघ में चला जायें, किन्तु वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी संगठित थे और वर्तमान में संगठित है और आगे भी रहेंगे।