मोदी की गारंटी को लेकर महासमुंद जिला के पिथौरा एवं सरायपाली में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का बैठक संपन्न
रायपुर / छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ का महासमुंद जिला के पिथौरा एवं सरायपाली में बैठक संपन्न हुआ! जिलाध्यक्ष रामकुमार अगासे एवं जिला महामंत्री प्रहलाद सिंह क्षत्रिय के अगुवाई में बैठक रखा गया था,जिलाध्यक्ष अगासे ने बताया की दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का लंबित मांग नियमितीकरण,स्थायीकरण,आकस्मिक्ता कार्यभारित सहित 09 सूत्रिय मांगों को लेकर लगातार 48 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल में रहे! वन मंत्री जी द्वारा आकस्मिक्ता कार्यभारित सेवा नियम 2024 लागु करने तथा स्थायीकरण किये जाने के संबंध में सहमती बनी और दोनों मांगो को दिपावली के पूर्व ही लागू किये जाने का आश्वासन दिया गया था जिसके आधार पर हड़ताल स्थगन हुआ था। लेकिन जिस प्रकार से पुरे वर्ष भर बित गये न आकस्मिकता कार्यभारित लागु किया गया न स्थायीकरण किया गया है जिसके कारण दैनिक वेतनभोगी,वाहन चालक,परिचालक,कार्यालय सहायक,दैनिक श्रमिक,डाटा एन्ट्री आपरेटर,कम्प्युटर आपरेटर,तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों में काफी नराजगी है! महामंत्री प्रहलाद क्षत्रिय ने बताया की अगर सरकार हमारे मांगो पर जल्द पहल नही करता है तो पुन: अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने के लिये हम सब बाध्य रहेंगे।
पिथौरा काष्ठागार में बैठक संपन्न हुआ सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अगर हमारी मांगों को पुरा नही किया जाता है तो हम सब अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिये तैयार है।
सरायपाली ,बसना में भी दैनिक वेतनभोगी एकजुटता का परिचय दिये है,वहां भी दैनिक वेतनभोगी अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिये तैयार हैं।
वित्त विभाग में जो प्रस्ताव भेजा गया है उसे अगर पारित नही किया जाता है तो लामबंद होनी की तैयारी पुरे छत्तीसगढ़ में चल रहा हैं।
प्रदेश महामंत्री राजकुमार चौहान ने समस्त दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी को एकजुट रहने का संदेश दिया!