गौतमदास चैतन्य मानिकपुरी ने अपने कलम से ऑपरेशन सिंदुर सौर्य वैचारिक क्रांति लांच किया
रायपुर / छत्तीसगढ़ महासमुंद जिला के ग्राम अमरकोट सरायपाली में दिनांक 15 दिसंबर 1955 में जन्मे गौतमदास चैतन्य मानिकपुरी जो बागबाहरा जनपद पंचायत में आईएटीओ के रूप में अपनी निरंतर सेवायें देने के बाद सेवानिवृत हुए है और वर्तमान में मां खल्लारी मां चंडी माता के गोद बागबाहरा में बैठकर अपनी लेखनीय से कबीर चालिसा, मोदी दर्शन, आपरेशन सिंदुर एवं वैचारिक क्रांति, अमन चैन शांति संदेश जैसे पुस्तके लिखे है! गौतमदास चैतन्य मानिकपुरी के द्वारा बहुत ही सुंदर ढंग से काब्यपाठ की प्रस्तुति किया गया है, मानिकपुरी जी ने अपने कलम से लिखे हुए लेख को अपनी स्वर में ढालने का प्रयास किया,और जन जन तक संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहे है! समस्त गणमान्य नागरिकों को जगाने का प्रयास कर रहे है ताकि सिंदुर की सौर्य गाथा को सभी जान सके! मानिकपुरी जी ने सभी युवा साथियों को जागने का प्रयास किया है और जनजागरण अभियान चलाने का संदेश भी दिया हैं।
आओं हम सब मिलकर इस भारत की सिंदुर गाथा को गंगा की तरह प्रवाहित करे,जन जन तक पहुंचाये!