बलौदाबाजार वन मंडल के कोठारी परिक्षेत्र में पदस्थ वन चौकीदार की दबदबा
रायपुर / बलौदाबाजार वन मंडल के कोठारी वन परिक्षेत्र में पदस्थ वन चौकीदार का दबदबा देखने को मिला है, सीजी संचार क्रांति न्यूज लगातार उनके कृत्यों का उजागर करते हुए आ रहा है!
दरअसल मामला यह है कि वन विभाग के बलौदाबाजार वन मंडल के अंतर्गत कोठारी वन परिक्षेत्र में पदस्थ वन चौकीदार लंबे समय से लिपीक का कार्य तथा पूर्व लाटादादर बीट चार्ज में रहा, जैसे दुध से मलाई निकालते है वैसे आबिद खान वन चौकीदार ने कोठारी वन परिक्षेत्र से मलाई निकालने का काम किया है। किस अधिकारी ने येसे वन चौकीदार के एक समय दो कार्य करने के लिये जिम्मेदारी दिया था, आफिस में लिपीक का काम, बीट में वन रक्षक का काम बीट चार्ज, अगर आफिस का कार्य कुशलता पूर्वक संचालन हो रहा होगा तो निश्चित है कि जंगल में वन्यप्राणियों की शिकार, भारी तादात में हुआ होगा यह संदेह का विषय है।
स्यवं भू अदृष्यं तो नही रहा होगा जो सेटेलाइट से निगरानी करता रहा होगा जंगल का, बहुत ही विस्फोटक मामला है, अगर उसकी संपत्ति की जांच ईओडब्ल्यू से कराया जाये तो दुध का दुध पानी का पानी हो जायेगा।
कहते है न दुध की रोटी खाने वाले को चटनी बासी हजम नही होता,वैसा ही अब मामला आबिद खान वन चौकीदार का हो चुका है! लगातार कोठारी गांव वालों से मिल रहे है और लिखकर देने के लिये कह रहे है कि आबिद खान बहुत व्यवहार कुसल है,उनके कार्यकलाप अच्छा है!
हंसी तब आता है जब सहद से मक्खी को बाहर निकालोंगे और स्थिति क्या रहता है वैसे ही हालत वर्तमान नें उनका हैं। संचार क्रांति में लगातार प्रकाशन व शिकायत के बाद आबिद खान वन चौकीदार को कोठारी वन परिक्षेत्र से हटा दिया गया है।
यही आबिद खान है जो मानहानी का दावा प्रस्तुत कर वकिल के माध्यम से पत्रकारों को नोटिस भिजवाया था, छत्तीसगढ़ी में एक कहावत है न उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वैसे ही किस्सा हो गया हैं।
अभी इनके बारे में बहुत सारे गरम पुड़ीया रखा हुआ है, धिर धिरे परत दर परत खुलते जायेगा।