हर्बल लाईफ ने गढ़ा बरबादी का नीव, बरबाद हो गई पति पत्नि के लाईफ, वाह रे हर्बल लाईफ
रायपुर / पति पत्नी की गहरे विश्वास पर गला कलम जिंदगी खतम ,अब शुरू होता है हर्बल लाईफ लाइफ शो प्रोग्राम यह कहानी सिर्फ एक परिवार की बर्बादी की दास्तान नहीं है, बल्कि यह उस समाज का आईना भी है जहाँ रिश्तों की नींव अविश्वास, लालच और छल पर रखी जाती है। वार्ड नंबर 03, श्रीराम वाटिका, ईमलीभांठा, महासमुंद के एक साधारण परिवार में घटी यह घटना पूरे जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाली है।
दिनांक 13 अगस्त 2025 की रात, खेमिन साहू के बेटे दिनेश साहू ने आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आरोप है कि आत्महत्या के पीछे उसकी पत्नी चंदेश्वरी साहू और उसके पुरुष मित्र सिरीश अग्रवाल जो घोड़ारी निवासी है और इनका बड़े पैमाने पर फर्शी उद्योग का काम है और इनके द्वारा बिरकोनी में रामा हर्बल लाईफ नामक बोर्ड लगाकर प्रचार प्रसार किया जाता है और आस पास के ग्रामीणों को परेशान कर के हर्बल लाईफ में खुद और उनकी पत्नियों को जोड़ने का काम किया जा रहा है वहीं गिरीश साहू निवासी इमलीभाठा जो पेशे से शिक्षक है और वर्तमान में बालोद में पदस्थ है। यह मामला सिर्फ एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि रिश्तों की बेवफाई, हर्बल लाईफ स्कैम, अवैध संबंध और धोखाधड़ी का एक काला सच है। कैसे भोले भाले लोगों को बीमारी का ताना देकर हर्बल लाईफ में जुड़ने के लिए स्कीम का लालच देकर फसाते है।
“चरित्रहीनता और अपमान ने छीनी बेटे की जान” – माँ खेमिन साहू का आरोप!
अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधीक्षक महासमुंद के दरबार में पहुँची वृद्धा खेमिन साहू की आँखों में सिर्फ आंसू ही नहीं, बल्कि न्याय की पुकार भी है। उनका आरोप है कि उनके बेटे दिनेश को उसकी पत्नी चंदेश्वरी साहू ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
खेमिन साहू का कहना है –
“मेरे बेटे ने अपनी पत्नी को बार-बार समझाया, लेकिन चंदेश्वरी का सिरीश अग्रवाल और गिरीश साहू के साथ रिश्ता दिन-ब-दिन गहराता गया। अश्लील व्हाट्सएप चैट और देर रात तक मोबाइल पर बातें करना, घर में पति के सामने दोस्तों को घंटों बैठाए रखना… इन सबसे दिनेश टूट गया।”और घर में फांसी के फंदे में झूल कर आत्महत्या कर ली।
जेवर, नकदी और जमीन के कागजात लेकर भागी बहू!
सबसे बड़ा सदमा तब मिला जब बेटे की मौत के बाद बहू चंदेश्वरी साहू घर से गायब हो गई। खेमिन साहू ने आरोप लगाया कि वह घर से सोने-चांदी के जेवर, लाखों रुपये नकदी और जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर भाग गई।
“बेटे की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई थी कि बहू ने हमें पूरी तरह लूटकर बेसहारा बना दिया। हम बूढ़े माँ-बाप कहाँ जाएँ? किसके सहारे जिएँ?” – यह कहते हुए खेमिन साहू की आवाज़ भर्राकर रह जाती है।
हर्बल लाईफ स्कैम से भी जुड़ा तार?
मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि मृतक दिनेश साहू और गिरीश साहू दोनों हर्बल लाईफ नामक स्वास्थ्य-व्यवसाय से जुड़े हुए थे। खेमिन साहू ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में स्पष्ट कहा है कि यह लोग लोगों को सपनों का झांसा देकर ठगने का काम भी कर रहे थे।
“मेरे बेटे को भी इस स्कैम में घसीटा गया और फिर मेरी बहु चंदेश्वरी को लेकिन हमे क्या पता था कि इस स्कैम के पीछे कुछ और चाल थी इन लोगों की, जब मेरे बेटे ने अपनी पत्नी और उसके अवैध संबंधों का सच जाना तो वह शर्म और अपमान से घिर गया।”
कानूनी जंग की शुरुआत – माँ ने मांगी कठोर कार्रवाई!
खेमिन साहू ने अपनी शिकायत में पुलिस अधीक्षक से तीन मुख्य माँगें रखी हैं—
•आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध (बी.एन.एस. की धारा 108 व अन्य धाराओं) में चंदेश्वरी साहू, सिरीश अग्रवाल और गिरीश साहू पर मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी हो।
•घर से चोरी करके ले जाए गए जेवर और जमीन के दस्तावेज़ बरामद कर उन्हें वापस किया जाए।
•हर्बल लाईफ जैसे संदिग्ध कारोबार की गहन जाँच की जाए ताकि और लोग इसके शिकार न बनें।
“हम न्याय चाहते हैं, बदला नहीं”
खेमिन साहू ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक और कार्मिक विभाग नई दिल्ली तक प्रतिलिपि भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
“हम बूढ़े हैं, बदला लेने की ताकत नहीं रखते। लेकिन हम अपने बेटे की आत्मा की शांति के लिए न्याय चाहते हैं। दोषियों को कठोर सजा मिले, ताकि कोई और बेटा दिनेश की तरह मौत को गले लगाने को मजबूर न हो।”
समाज के सामने बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है। यह सवाल है –
क्या आधुनिकता और सोशल मीडिया की आंधी में रिश्तों की पवित्रता खत्म हो रही है?
क्या लालच और बेवफाई का मिलाजुला ज़हर ही नई पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रहा है?
और सबसे बड़ा सवाल – जब पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है, तो बेवफाई और छल क्यों इतनी आसानी से उस नींव को तोड़ देते हैं?
महासमुंद के लोग स्तब्ध!
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनेश एक साधारण, मेहनती और मिलनसार इंसान था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। लेकिन उसकी मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।
वार्ड के एक बुजुर्ग कहते हैं –
“हमारे मोहल्ले में ऐसे लोग आकर परिवारों को तोड़ रहे हैं। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, यह सामाजिक महामारी है।”
पुलिस की जाँच अब अगली कड़ी
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के पास पहुँची इस शिकायत पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या चंदेश्वरी, सिरीश और गिरीश पर गिरफ्तारी होगी? क्या चोरी गए जेवर और जमीन के कागजात वापस मिलेंगे? और सबसे अहम – क्या दिनेश साहू को न्याय मिलेगा?
एक बेटे की मौत, बूढ़े माँ-बाप का रोना और समाज की चुप्पी!
दिनेश साहू की आत्महत्या ने यह साबित कर दिया कि जब रिश्तों में विश्वास टूटता है तो इंसान की ज़िंदगी भी चूर-चूर हो जाती है। चंदेश्वरी, सिरीश और गिरीश पर लगे आरोप अगर सही साबित होते हैं, तो यह न केवल हत्या के बराबर अपराध है बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सबक है।
“न्याय सिर्फ अदालत की चारदीवारी में नहीं, समाज की आत्मा में भी होना चाहिए।”
अब देखना यह है कि महासमुंद की पुलिस और प्रशासन इस नाटकीय और दर्दनाक मामले!