अमिता गुप्ता जैसे निष्क्रिय अधिकारी के कारण पूरा वन विभाग हो रहा है बदनाम
रायपुर / छत्तीसगढ़ के नविन जिला सारंगढ में इन दिनों वन विभाग के अधिकारियों का बोल बाला चल रहा है, लगातार सुर्खियों में रहे वन विभाग सामान्य में पदस्थ एसडीओ अमिता गुप्ता की है! उनके खिलाफ जिला प्रेस क्लब सारंगढ़ ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है। पत्रकारों का आरोप है कि सारंगढ़ वन मंडल में पदस्थ एसडीओ अमिता गुप्ता ने पत्रकारों अभद्र व्यवहार करते हुए पुलिस बुलाने धमकी तक दी है।
पूर्व में भी एसडीओ अमिता गुप्ता के द्वारा प्रेस क्लब के स्थानीय पत्रकारों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जा चुका है जिसकी शिकायत प्रदेश स्तर के नेता और जिला कलेक्टर से किया गया था,जिस पर यही sdo अमिता गुप्ता के द्वारा पत्रकारों के सामने अपनी गलती मानते हुए sorry जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था।
बताया जा रहा है कि कई बार पत्रकारों द्वारा विभागीय जानकारी लेने पर अधिकारी द्वारा न तो सही जवाब दिया गया और न ही सहयोग किया जाता है जिसके कारण प्रेस वालों को भटकना पड़ता है। प्रेस क्लब का कहना है कि यह आचरण लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रति असम्मानजनक है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रेस क्लब ने मामले की शिकायत कलेक्टर और वन मंत्री से करने का निर्णय लिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी के व्यवहार में जल्द सुधार नहीं हुआ तो जल्द ही आंदोलन का कदम उठाए जायेगा।ऐसे ही निष्क्रिय अधिकारी के कारण पूरा वन विभाग बदनाम होते जा रहा है जिसका खामयाजा वन मंत्री व बड़े स्तर के अधिकारी को उठाना पड़ता है।
महिला अधिकारी होने का धौंस,रौब दिखाकर अमर्यादित ढंग से पेस आते है, जबकी नारी शक्ति का सभी सम्मान करते है किन्तु यह अधिकारी उसके विपरीत कार्य कर रही है।
यही अमिता गुप्ता अपराधियों को संरक्षण देकर दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य पर रखवाये है, जो वन्यप्राणी शिकार मामले नें अपराधी घोषित हो चुके है सजा काट चुके हैं।
न जाने और क्या क्या हरकत करेंगी,भगवान मालिक है,वन विभाग के आलाधिकारी मालिक है।

