धरमजयगढ़ काष्ठागार डिपो से 06 नग 0.344 घ.मी.का सागौन लट्ठा , रातों रात 08 नग लट्ठा में परिवर्तन
अपराधियों को किसका है संरक्षण
रायपुर / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के अधिनस्थ धरमजयगढ़ वन मंडल जहां पर वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा ही विभाग में चोरी कर विभाग को चुना लगाने का काम किया है। जिसे जांचकर्ता अधिकारी उप वन मंडलाधिकारी द्वारा बंचाने की भरसक प्रयास किया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है ! सैकड़ो बार प्रकाशन करने तथा विगत ढाई माह की पूर्व शिकायत का आज तक निराकरण नही किया जाना संदेह पैदा कर रहा है!
हाल ही क्षेत्रिय समाचार पोर्टल में प्रकाशन हुआ था कि कुछ नाका में रजिस्टर को सुधार कराकर लिया गया है, अगर सहीं में रजिस्टर सुधार कर लिया होगा तो संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी, जांच नाका प्रभारी, दोषि होंगे और येसे लोगों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिये।
बैरियर रजिस्टर में 08 नग सागौन को 06 नग बनवाने के लिये पुर जोर हांथ पैर मारा गया है, लकड़ी लेने वाले वन रक्षक सत कुमार चौहान और उनके सहयोगी दैनिक श्रमिक पुरूषोत्तम ठेठवार रिकार्ड सुधरवाने के लिये सभी बैरियरों में हांथ पैर मारे है । किस्त से कुछ बैरियरों में रिकार्ड को हेराफेरी कर दिया गया लेकिन कुछ बैरियर में नाकाम रहे!
धरमजयगढ़ वन मंडल शुरू से नामी वन मंडल है, सैकड़ो फर्जी नियमितीकरण हुए, निलामी में धांधली हुआ है, रंगे हांथो पकड़ा जाने पर भी कोई कार्यवाही नही!
उप वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ ने लिपापोती कर आनन फानन में जांच प्रतिवेदन भेज दिया है, नियम कहता है कि शिकायतकर्ता को बुलाकर बयान दर्ज करना चाहिये ! उसके बाद जांच से शिकायतकर्ता को अवगत कराना चाहिये कि सही पाया गया या नही, किन्तु आज तक अवगत नही कराया और दोषि को बंचाने में सफल हो गये!
धरमजयगढ़ वन मंडल में एक से शेख ठेकेदार है जो लाख गुनाह करने के बाद भी बंचा लेते है, जैसे की उप वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ जो आज तक निविदा में रंगे हाथ पकड़े गये दोषि का फाईल छुपाकर रखे हुए है! कौन है वह व्यक्ति जो रंगे हांथो पकड़ाया था क्या इसकी खोज करेंगें वन मंडलाधिकारी?
लेकिन धरमजयगढ़ काष्ठागार डिपों में टीपी के माध्यम से लकड़ी धांधली करने वाले को नही बंचा पायेगा!
संभार क्रांति न्यूज, संचार भारत न्यूज की टीम ने जब भालुनारा बैरियर और छाल बैरियर में कार्यरत कर्मचारियों की बाईट लिया तो सारे मामले का खुलासा हुआ!

छाल वनोपज जांच नाका में कार्यरत तेजस्वी से पूछताछ करने पर डर से जवाब नही दे पा रहे थे कांप रहे थे ! किन्तु उन्होने बताया कि जो टीपी में सागौन लट्टा आया है वह 06 नग सागौन 0.344 घन मीटर अंकित है उक्त सामाग्री को लेकर वर्दीधारी वनरक्षक एवं पुरूषोत्तम ठेठवार आये थे बताया गया है!

अब मामला गंभीर रूप धारण करता है कि काष्ठागार में कार्य करने वाले श्रमिक को किस अधिकारी ने कहा था कि जाओं सीमा पार कराओं, लकड़ी के सांथ जाओ यह मामला बार बार संदेह पैदा कर रहा है।
वही भालूनारा बैरियर में जांच नाका प्रभारी से पूछताछ किया गया तो बताया कि भालुनारा बैरियर से गुजरते हुए गाड़ी गया है,जो बैरियर रजिस्ट्रर में इंद्राज किया गया है जिसे दिनांक 07.02.2025 को वाहन गुजरा है उक्त वाहन में 08 नग 0.944 घ.मी.सागौन लडट्ठा था जो की लकड़ी मालिक सत कुमार चौहान, विश्वजीत ड्राइवर है के माध्यम से गाड़ी भालुनारा बैरियर से गुजरा है!
सहायक प्रभारी जो भालुनारा बैरियर में पदस्थ है उन्होने भी बताया कि उक्त वाहन दिनांक 07.02.2025 को आया जिसमें 08 नग सागौन लट्ठा 0.944 घ.मी. था जिसे वन रक्षक सतकुमार चौहान व दैनिक वेतनभोगी पुरूषोत्तम ठेठवार के द्वारा लाया गया था! उसके सहायक प्रभारी ने यह भी बताया की कुछ दिनों के बाद सतकुमार चौहान वन रक्षक, पुरूषोत्तम ठेठवार दैनिक श्रमिक दोनो आये और बोल रहे थे कि रजिस्टर में 08 नग0.944 घ.मी. लिखा है उसे सुधार कर 06नग 0.344 घ.मी. कर दिजीये! किन्तु हम लोगों ने मना कर दिया की उक्त जानकारी सुचना के अधिकार में निकल चुका है येसा गलत काम हम लोग बिल्कुल भी नही कर सकते! कोई तीन स्टार अधिकारी भी आया था रिकार्ड सुधार दिजीये यार येसा बोल रहा था ,भालुनारा बैरियर में पदस्थ कर्मचारियों को फंसाने का भरसक प्रयास किया जा रहा था किन्तु हो गये है असफल!
मामला बहुत गंभीर है,काष्ठागार डिपो से सागौन लट्ठा खरिदने वाले वन विभाग के ही कर्मचारी है वन रक्षक सतकुमार चौहान, और डिपों में टीपी काटने वाले दैनिक श्रमिक है जिन्होंने बड़े सातिर दिमांग लगाकर 06 नग सागौन लट्टा का टीपी काटा बैरियर से पासिंग भी कराया और यही 06 नग सागौन लट्ठा राह चलते चलते 08 नग में परिवर्तन हो गया,बड़ा गजब का खेला है।
काष्ठागार डिपों में कार्यरत दैनिक श्रमिक, जो अपनी काली कारामात से धरमजयगढ़ वन मंडल में चारचांद लगा दिये है, किसके राईटिंग से टिपी कटता है,विगत 10 वर्षो का रिकार्ड जांच किया जाये,और उस राइटिंग का जांच कराने के लिये आगरा भेजा जाये जिससे स्पष्ट हो जायेगा कि किसकी राईटींग है,और कब से यह कारामात चल रहा है।
1. काष्ठागार अधिकारी कौन रहा है जिसके हस्ताक्षर से टीपी जारी हुआ?
2. टीपी किसने काटा किसका राईटींग है ?
3. सागौन खरिदने वाले के सांथ डिपों में कार्यरत दैनिक श्रमिक का वाहन के सांथ जाना?
4. बैरियर में रजिस्ट्र को बदलने के लिये निवेदन करना?
5. वह टीपी का मूल प्रति काऊंटर प्रति का जांच किया जाये , अगर सही है तो कहीं येसा ही टीपी स्कैन करके बनाया तो नही गया है जिसमें 08 नग =9.344 घ.मी. का लेख है।
6. जब डिपो से 06 नग लकड़ी बाहर निकला तो कहां से 02 नग सागौन लोड किया गया?
7. किसी बैरियर में रिकार्ड तो नही सुधारा गया है जिस हिसाब से भालुनारा बैरियर रिकार्ड सुधरवाने पहुंचे थे?
8. अगर जहां रिकार्ड सुधार लिया गया है तो उनके लिये क्या दण्ड का प्रावधान है जो गलत कार्यों को बढावा देने में चोरी करने में सहयोग प्रदान किये है?
9. ढ़ाई माह से जांच नही कर पाने,बंचाने का प्रयास करने वाले अधिकारी के लिये क्या दण्ड का प्रावधान है?
10. वह कौन तीन स्टार है जो रजिस्टर में सुधार करने के लिये भालुनारा बैरियर तक पहुंचकर हांथ पैर मारा है?
दोषियों के द्वारा स्वयं को बचाने के फिराक में काट रहे है नेताओं का चक्कर, क्षेत्रिय दबाव बनाकर वन मंडलाधिकारी को कार्यवाही से रोकने के लिये दबाव बनाने का प्रयास!
क्या धरमजयगढ़ वन मंडलाधिकारी कार्यवाही करेगा या दबाव में,कार्यवाही करने के लिए हांथ खिंच लेगा?
लेकिन सीजी संचार क्रांति न्यूज के टीम वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ से त्वरीत कार्यवाही का मांग किया है उक्त दोनों कर्मचारी के विरूद्ध एफआईआर प्रकरण दर्ज किया जाये।

