बसना से सागरपाली मार्ग की बदहाली ,बया से कसडोल मार्ग की बदहाली विधायक और सरकार के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है!
रायपुर / छत्तीसगढ़ में इन दिनों विकास ही विकास चल रहा है, जहां एक तरफ मोदी की गारंटी की पालन वही दुसरी तरफ रोड की बदहाली, वित्त मंत्री 2047 की रोड मैंप तैयार किये हुए है कि विकास की गंगा बहाना है।
लेकिन वर्तमान में धरातल पर रोड में गढ्ढे, खचके, डबरे ही दिखाई दे रहे हैं, राेड में चलना मुश्किल हो गया है। अनेको दुर्घटनाएं हो रही है इसके लिये जिम्मेदार कौन है?

आज भी शासन प्रशासन की आंख बया से कसडोल मार्ग और बसना से सागरपाली मार्ग पर नजरे नही पड़ा है। दुर्भाग्य है कि लोकलुभावन वायदें करके विधायक बन जाते है विधायक बनते ही, सत्ता की गर्मी के कारण लोग अपने क्षेत्रिय रोड को भुल जाते हैं।

वर्तमान में बया से कसडोल मार्ग, बसना से सागरपाली मार्ग की जो दुर्दशा है, वास्तव आम जनता अपने आप को कोस रहे है कि हमनें किसको विधायक बना डाला, हमने किसका सरकार बना डाला।
विगत कई वर्षों से विकास की ईंतजार में राह ताक रहे है किन्तु आज तक विकास लापता हैं। संचार भारत न्यूज की टीम लगातार दो माह से उक्त मार्गों पर सतत दौरा कर रहा है तो पता चला मामला!
दुर के ढ़ोल सुहावने जैसा हाल है, पूर्वतीय सरकार में रोड का हालत येसा ही जैसा कि वर्तमान में है!
ना ही काग्रेस की सरकार ने उक्त रोड के बारे में ध्यान दिया है ना ही वर्तमान सरकार ध्यान दे रहे हैं।
अब देखना यह है कि क्या विकास का गंगा बहेगा, या डबरा खचका का औसत बढ़ेगा।

