धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल परिक्षेत्र में एडू बैरियर पर नंद जी उपाध्याय के सांठ गांठ से बैरियर रजिस्टर के पन्नों को कर दिया बदलाव,
रायपुर / धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल वन परिक्षेत्र के अंतर्गत वनोपज जांच नाका एडू बैरियर में पदस्थ कर्मचारी नंद जी उपाध्याय के सांठगांठ से बैरियर रजिस्टर के पन्ना ही बदल दिया गया है, अपने आप को बंचाने के लिए सफाई पेश किया जा रहा था किन्तु जांच के दौरान पकड़ा गया।

नंदजी उपाध्याय ने पेशी के दौरान स्वीकार किया की रजिस्टर में छेड़छाड़ हुआ है, रजिस्टर में राइटिंग है वो तेजस्वी डनसेना का है! नंद जी ने कहा जो हो गया है उसके लिये माफ कर दिजीये, ब्राम्हण आदमी हुं जैसा अपनी पिड़ा व ब्यथा गिनाने लगे, रजिस्टर में बदलाव करने वाले मास्टर माइंड दैनिक वेतनभोगी तेजस्वी डनसेना जिन्होने किया है कमाल!

दरअसल मामला यह है कि धरमजयगढ़ वन मंडल के अंतर्गत काष्ठागार डिपो में कार्यरत कर्मचारी के द्वारा 06 नग 0.343 घ.मी. सागौन लट्ठा का टीपी काटा गया था! डिपो प्रभारी के द्वारा टीपी 06 नग का ही काटा गया था किन्तु राह चलते हांथ सफाई करते हुए उक्त लट्ठा 08 नग 0.944 घ.मी.में परिवर्तन हो गया,बड़ा गजब का खेला चला है येसा संदेह हो रहा है की टीपी तीन पर्त में रहता है लेकिन उन्हे चार पर्त में बनाकर षडयंत्र पूर्वक उक्त कार्य करने में सफल रहा जैसा प्रतित हो रहा है।
छाल वन परिक्षेत्र के एडू वनोपज जांच नाका में 08 नग 0.944 घ.मी. सागौन लट्ठा एन्ट्री किया गया था, लेकिन बैरियर प्रभारी नंद जी उपाध्याय और बैरियर में कार्यरत तेजस्वी डनसेना ने मिलकर रजिस्टर के पन्ना को ही फाड़ दिया और नये रजिस्टर का पन्ना लाकर जोड़ दिया है जिसकी पुष्टि हो रही है।
लैलूंगा उप वन मंडलाधिकारी के समक्ष बैरियर प्रभारी नंद जी उपाध्याय वनपाल ने स्वयं स्वीकार किया की बैरियर रजिस्टर से छेड़छाड़ हुआ है। अब चिंता का विषय ये है कि किसके कहने से रजिस्टर बदला गया है क्यों बदला गया है कारण क्या है। बैरियर रजिस्टर को बदलने वाले तेजस्वी डनसेना दैनिक श्रमिक है जिनका पुरा के पुरा राईटिंग है, अगर जांचकर्ता अधिकारी चाहे तो टीपी काटने और बैरियर रजिस्टर सुधारने वाले का जिसकी राईटिंग है उसे जांच के लिये आगरा भेजा जा सकता है दुध का दुध पानी का पानी हो सकता है।
भालूनारा वनोपज जांच नाका प्रभारी ने जो था स्पष्ट किया है कि टीपी क्रमांक 96/82 के माध्यम से वाहन क्रमांक JH07-M-3462 के माध्यम से 08नग सागौन 0.944 घ.मी.लकड़ी आया है जिसका गाड़ी चेंकिंग कर विधिवत इंद्राज किया गया है।
अब देखना यह है कि क्या विभाग नंद जी उपाध्याय वनपाल बैरियर प्रभारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज होता है या नही! शासकीय दस्तावेजों के सांथ छेड़छाड़ कर कुटरचना मामले में नंदजी उपाध्याय वनपाल, तेजस्वी डनसेना के खिलाफ एफआईआर करके 420 का मामला दर्ज कराया जाना चाहिए,जिन्होने कुटरचित ढंग से दस्तावेज तैयार किया है।
वहीं काष्ठागार अधिकारी जिनका टीपी में हस्ताक्षर है उनके खिलाफ तथा टीपी काटने वाले के विरुद्ध भी 420 का मामला दर्ज करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिये।
मामला ठंडा बस्ता में चला गया है सोंचकर लोग खुस है किन्तु जब तक कार्यवाही नही हो जाता तब तक प्रक्रिया जारी रहेगा, दोषी को काष्ठागीर डिपों से हटाकर उन्हे उप वन मंडल कार्यालय में बैठा दिया गया है ताकि और अपराध करें! एक समय था कि यही ठेठवार निविदा के समय हुए फर्जीवाड़ा को लेकर देवेश बाजपेयी नामक दैनिक श्रमिक को उत्पादन ईकाई से हटाने के मामला बाहर वायरल किया करता था।
वन मंडलाधिकारी ने क्या जिस वाहन से सागौन लट्ठा लेकर 08 नग सागौन लेकर खरसिया ले गया था उसको पकड़कर रात सात किया है या नही! अगर वाहन को अभी तक नही पकड़ा है तो यह भी संदेह के दायरें में है कि आज तक उस वाहन को राजसात क्यों नही किया।

