छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के संरक्षक, रामगुलाम सिंह ठाकुर एवं राज साहु ने बागबाहरा क्षेत्र का किया दौरा, किसानों का दर्द समझा
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के बागबाहरा में किसान मनबोध गाड़ा लगातार चॉइस सेंटर में टोकन कटाने के लिए जाते रहे, ऑफलाइन जाकर भी समिति के चक्कर लगाते रहे है लेकिन उनका टोकन नहीं कटा तो उन्होने आहत होकर उन्होंने अपना गला काट लिया जो कि बेहद व पीड़ा दायक है!
दादा रामगुलाम सिंह ठाकुर ने बताया की छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगातार किसान परेशान है आहत है, बागबाहरा क्षेत्र के एक किसान ने आहत होकर अपना गला काट लिया है लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की संवेदना इस क़दर मर चुकी है कि शोक के दो शब्द भी नहीं कह सके, यह चुप्पी आपराधिक है किसानों के लिए घातक है।
पूरे प्रदेश में धान खरीदी अस्त व्यस्त है, किसान बिल्कुल इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं!
धान खरीदी में बारदाने की कमी है, तौल में गड़बड़ी है, वजन कम आ रहा है,माऊस्चर के कारण वापसी प्रदेश भर में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में किसान अपना टोकन नहीं कटा पा रहे हैं,लिमिट भी कम कर दिया गया है!
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के संरक्षक दादा ठाकुर रामगुलाम सिंह जी ने पीड़ित किसान परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए प्रशासन से शक्ति बरतते हुए मांग किया है! तत्कालिक चिकित्सा के लिये सोसायटी प्रबंधक के द्वारा 5,000 रूपया चेक के माध्यम से राशि उपलब्ध कराया है, उनका हालात नाजुक है, वर्तमान में रायपुर मेकाहारा में ईलाज जारी है।
छत्तीसगढ़ में किसानों का आवाज बनकर लगातार उभर रहा है छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना!

