कोठारी वन परिक्षेत्र में मजदुरों के नाम फर्जी हाजरी, लाखों करोड़ रूपया का किया गया है हेराफेरी..?
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग में बलौदाबाजार जिला फेमस हो चुका है, जहां फर्जीवाड़े की कहानी लिखी जाती है, चाहे कसडोल सोनाखान परिक्षेत्र हो चाहे अर्जुनी, कोठारी, बारनवापारा, या लवन परिक्षेत्र हो!
मामला कोठारी वन परिक्षेत्र का है, वर्तमान वन परिक्षेत्र अधिकारी जब तालदादर सर्किल में डिप्टी रेंजर रहा तो मजदुरों के नाम से फर्जी हाजरी चढ़ाकर फर्जी तरीके से उनके बैंक खाता में पैसा डलवाया जाता था, और लोग पैसा निकालकर 10% काटकर सारे पैसे को जीवन लाल साहु को वापस कर दिया जाता था।
जीवन लाल साहु जब से तालदादर सर्किल में डिप्टी रेंजर के प्रभार में थे तब से अब तक विभाग को लाखों रूपया का चुना लगा चुका है, न जाने आगे और कितना चुना लगायेगा!
इनके चौकीदार से रेंजर तक के सफर का सारी कहानी बटोरी जा रही है। यही रेंजर है जिन्होने अपने भतिजे के नाम से लगातार फर्जी व्हाचर चलाते रहा, जैसे ही विभाग की ओर से सुगबुगाहट देखा तो उसे लाकर काम में लगा दिया गया है, काम में लगे तीन चार वर्ष ही हो रहा है।
इन्ही के कार्यकाल में प्लेन रोड पर खुदीई कर रपटा बना दिया गया है, और पैसा डंकार दिया गया, अक रपटा नही बल्की दो तीन रपटा निर्माण कराया है।
जंगल में मोर नाचा किसने देखा,, वाली बात है। कई येसे खाता में मजदुरी राशि डाला गया है जो काम करने गया ही नही है, गांव की दूरी और कार्य स्थल की दुरी जमीन आसमान की है किसी भी हाल में उतनी दुरी सफर करके काम करने जाता हो संभव ही नही है।
मजे की बात ये है कि जब जीवन लाल साहु जी डिप्टी रेंजर थे तो जो पलायन हो चुके थे येसे श्रमिकों के बैंक खाता में राशि डाला गया है। संचार क्रांति न्यूज ने सारे साक्ष्य बटोर लिया है।
फर्जीवाड़ा का खेल जोरो से चल रहा हैं, यही कोठारी परिक्षेत्र में ही पदस्थ रहा वन चौकीदार जिन्होने फर्जी तरिका से नियमितीकरण हासिल कर पद ग्रहण किये और, पद के विपरीत पद और पावर धारण किये विभाग को लाखो करोड़ो रूपया चुना लगाया है। वो भी कर्मचारी इसी जीवन लाल साहु के अधीनस्थ कार्यरत रहा है।
बाबु से लेकर बीटगार्ड का एक सांथ संचालिक किया है येसा मास्टर माइंड वन चौकीदार है, जिसे उपर कार्यवाही न कर वन मंडलाधिकारी उसे बंचाने के फिराक में एक जगह से दुसरे जगह पदस्थ कर दिये हैं।
चोर को बंचाने वाला भी चोर ही कहलाता है येसी कहावते सुनने को मिलते है, क्या ये सही है, वर्तमान में येसा ही लक्षण दिखाई दे रहा है बलौदाबाजार वन मंडल में!
16 साल की नाबालिक को सहानुभूतिपूर्वक नियमितीकरण कर देना,जब मामला उजागर हुआ तो आलाधिकारी बंचाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।
संचार क्रांति न्यूज के टीम ने हाई कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजा है जल्द ही जनहित याचिका दायर होगा यही वन चौकीदार पद जो पात्र थे उनके लिये काम आया रहता लेकिन पात्र दैनिक वेतनभोगी वंचित हो गये और फर्जी आदमी नियमितीकरण का लाभ ले लिये!
यह मामला रायपुर वन मंडल का है जब बलौदाबाजार रायपुर वन में था तभी की घटना है, न जाने रायपुर वन मंडल में कितनों का फर्जी तरिका से नियमितीकरण हुआ है!
16 साल के उम्र में फर्जी नियमितीकरण का लाभ लेने वाले यह वन चौकीदार आबिद खान है!


