धरमजयगढ़ बना भ्रष्टाचार का गढ़, वन विभाग से लेकर जनपद पंचायत तक भ्रष्टाचार की काली कहानी गढ़ी गई है …….
रायपुर / छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र बना फर्जीवाड़ा का कुनबा, धरमजयगढ़ ब्लाक के एक ग्राम पंचायत में बन रही लगभग 14 लाख की मिट्टी–मुरुम सड़क के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
आरोप है कि कार्यस्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है और न ही बिलों में अपेक्षित पारदर्शिता दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल युग में अधिकांश विभाग अपने दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध करा रही हैं, लेकिन यहां जारी बिलों को पासवर्ड से सुरक्षित कर छिपाने जैसी स्थिति बन गई है, जिससे ब्यापक भ्रष्टाचार किये जाने का संदेह और गहरा गया है।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदार ने बिल में एच एन एस का उल्लेख नहीं किया है, जबकि इस पर, 18% का जीएसटी टैक्स जोड़ दिया गया है। आमतौर पर निर्माण कार्यों पर 12% से 18% तक GST लागू होता है। जानकारों का कहना है कि वास्तविक मुद्दा टैक्स दर नहीं, बल्कि एच एन एस कोड अनुपस्थित होने से बिल की प्रामाणिकता पर उठे रहे है सवाल ।
इधर ग्सवाल यह भी है कि यदि बोसिंग वर्क व मुरुम दुलाई का कार्य वर्तमान में शुरू किया जा रहा है, तो पूर्व में जारी किए गए भुगतान का उपयोग किस मद में किया गया। वहीं यदि काम पहले ही शुरू हो चुका था, तो अब तक कार्यस्थल पर सूचना फलक बोर्ड क्यों नही लगाया गया है जो कि नियमों के विपरीत है!
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस निर्माण कार्य को अक्टूबर 2025 में जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लगभग तेरह लाख सत्तर हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जबकि तकनीकी स्वीकृति एसडीओ, आरईएस द्वारा दर्शाई गई है।
संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस मामले पर स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है। दोषी पाते ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए।

वन विभाग की काली कहानी
धरमजयगढ़ वन मंडल वर्षों से भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है, जो भी वन मंडलाधिकारी आते है बाबूओं के इसारे के फंदे में फंस जाते है फिर भ्रष्टाचार की काली कहानी लिखी जाती है।
जैसे कि निविदा के समय उत्पादन ईकाई में कार्यरत कम्प्युटर आपरेटर अपने जेब से निविदा फार्म चुपके से डाल रहा था उसी समय रंगे हांथों पकड़ा गया पेपर में प्रकाशन हुआ,विडियों फुटेज बना शिकायत हुआ लेकिन धरमजयगढ़ के एसडीओ ने न कार्यवाही किया न ही शिकायत के आधार पर सुक्ष्म रूप से जांच किया और मामला को कफन दफन करने में सफल हुए! इस प्रकार के लुका छिपी जांच कायरता पूर्वक जांच है, धरमजयगढ़ वन मंडल से सेवानिवृत्त हुए एसडीओ जो वर्तमान में उप प्रबंध संचालक के कुर्सी पर बैठे है इन सबका एक षडयंत्र का एक पैनल है जो लाखों गुनाह करो हम सब मिलकर खपा देंगें।
येसे विचार धारा के लोग जबतक वन मंडल में बैठे रहेगें बदनामी होने से कोई रोक नही सकता है, मनरेगा में फर्जी मस्टररोल जारी मरे हुए इंसानों ने किया है कार्य!
काष्ठागार डिपों में डिपों 06 नग सागौन लट्टा चमत्कारी रूप लेकर बन जाता है 08 नग
काष्ठागार डिपों प्रभारी के द्वारा जब 06 नग 0.343 घ.मी. सागौन लट्ठा का टीपी काटा तो वह कैसे बन गया 08 नग 0.944 घ.मी. बड़ा गजब का खेला है।
कहीं येसा तो नही कि तीन पर्तों में टीपी रहता है,टीपी काटने से पहले उस टीपी को फोटो कापी करा लिया हो और टीपी हो गया चार पर्त में तीन पर्त में 06 नग लट्टा का कटा हो लेकिन जो फोटो कापी का पर्त हो उसमें 08 नग 0.944 घ.मी. का लेख किया गया हो यह संदेह का विषय है जो जांच योग्य है। यही मामला में सातिर चोर पकड़ा सकता है कि वास्तव में टिपी में हस्ताक्षर करने वाला अधिकारी गलत है या फिर टीपी काटने वाला गलत है।
बैरियर में सुधारा गया बैरियर रजिस्टर , नंद जी उपाध्याय एडू बैरियर प्रभारी ने जांच के दौरान स्वीकार किया की बैरियर रजिस्टर में छेड़छाड़ हुआ है,इससे स्पष्ट होता है कि 08 नग को 06 नग बनाने के लिये ही पन्नों को बदल दिया गया है।
भालूनारा बैरियर में जांच के दौरान सारे तथ्य निकलकर सामने आया है कि 08 नग 0.944 घ.मी.सागौन लट्ठा लाया गया है जो बैरियर रजिस्टर में पंजीबद्ध है।
एडू बैरियर प्रभारी ने बंचने के लिये तो 06 नग कर दिया आखिर भालूनारा बैरियर में पकड़ा गया।
जब तक जांच नही हो जाता तब तक कार्य से पृथक रखना था, टीपी काटने वाले को ताकी सुक्ष्म रूप से जांच हो सके, लेकिन उसे अच्छे जगह पर बिठा दिया गया है।
वन मंडलाधिकारी का कहना है कि हम उसे हटा दिये है जब तक जांच नही हो जाता तबतक के लिये, अब व्हाचर से ही पता चलेगा कि हटाया है या नहीं।
एक बार पकड़ में आ गया है न जाने येसे कितने कार्यों को अंजाम दिया होगा, गुप्त सूत्रों से पता चला है कि मैं अगर निपटुंगा तो मैं सबका पोल खोल दुंगा किसी को नही छोडुंगा करके कहा जा रहा है जिसके कारण सातिर दिमांग लगाने वाले टीपी काटने वाले के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए अधिकारी का हांथ कांप रहा है ,देखते है क्या क्या कार्यवाही करेगा वन मंडलाधिकारी!

