धरमजयगढ़ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धरमजयगढ़ सुप्रसिद्ध हो चुका है, चाहे भ्रष्टाचार के मामला हो या फोरजरी मामला हो, इसी कड़ी में धरमजयगढ़ स्थित अनुविभागीय कार्यालय में पदस्थ लिपीक(बाबु) अनिल कुमार चेलक को बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

दरअसल मामला यह है कि धरमजयगढ़ तहसील में एसडीएम कार्यालय के बाबू नें काम के एवज में मोटी रकम की मांग की है। आरोपी बाबु पर एक ग्रामीण आरोप लगाया है की जमीन से जुड़े प्रकरण को नस्तीबद्ध (रफा-दफा) करने के एवज में कुल 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग किया था । जिस पर ग्रामीण ने उक्त राशि के मांग के संबंध में जानकारी एसीबी को दिया!
पीड़ित ग्रामीण ने बाबू द्वारा लगातार रिश्वत मांग किया जा रहा था जिसकी शिकायत पीड़िता ने एसीबी से की थी। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लिए, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी ने घबराहट में रिश्वत की रकम को अपने आवास के पीछे फेंकने की कोशिश की, लेकिन सतर्क एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी राशि बरामद कर ली।फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और एसीबी की टीम मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों एवं सबूतों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मंचा हुआ है, लंबे समय से धरमजयगढ़ में दलाल लोग भी सक्रीय होकर जमीन घोटाला को अंजाम दे रहे हैं। भारी मात्रा में जमीन की अवैध खरिदी बिक्री हुआ है जिसमें, पटवारी से लेकर, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम और बाबु लोग सभी लिप्त हैं।
लोकल धरमजयगढ़ में शासकीय भूमि को बंदर बाट किया जा रहा है, कोई अपने आप को बीजेपी का नेता बताते है तो कोई कांग्रेस का नेता है। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर लगातार अविधिक ढंग से बेंचा जा रहा है।

