महासमुंद डीएमओं की मिलीभगत का खुलासा, बागबाहरा धान संग्रहण केंन्द्र प्रभारी दीपेश पाण्डेय को बचाने में लगे हुए है डीएमओं की टीम
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित बागबाहरा धान संग्रहण केन्द्र प्रभारी दीपेश पाण्डेय के द्वारा वृहद मात्रा में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। जिसके संबंध में संचार क्रांति न्यूज में लगातार प्रकाशन किया गया था ,और मुख्य मंत्री से लेकर खाद्य मंत्री, सहकारिता मंत्री से शिकायत किया गया था लेकिन आज दिवस तक कार्यवाही नही किया गया है।
गुप्त सुत्रों से पता चला है कि धान संग्रहण केन्द्र प्रभारी दिनेश पाण्डेय द्वारा वरीष्ठ कार्यालयों में जाकर वरिष्ठ अधिकारियों के जेब वजन करके आ रहे है जिसके कारण से उनके खिलाफ शिकायत पर आज दिवस तक कोई कार्यवाही नही की गई है।
अगले वर्ष के धान संग्रहण के समय भारी मात्रा में भ्रष्टाचार किया था लेकिन उच्च कार्यालय में पदस्थ अधिकारी मोटी रकम लेकर मामला को कफन दफन करने में अपने आप को सफल महसुस कर रहे हैं। लेकिन संचार क्रांति न्यूज दीपेश पाण्डेय की पिछे छोड़ने वाला नही है, उनके एक एक काले करतुत की पोल खोलकर रहेगा!
घपलत बाजी
(1) ठेकेदारी में श्रमिकों के भुगतान में मनमानी, व ठेकेदारी के अलावा मनमुताबिक श्रमिक रखना!
(2) ठेकेदारी में एग्रीमेंट के विपरीत भुगतान करना!
(3) कार्यरत मजदूरों से अधिक मजदूरी भुगतान करना!
(4) मजदूरी भुगतान में धांधली!
(5)धान भूसा क्रय में भ्रष्टाचार!
(6)केप कवर में भ्रष्टाचार!
(7)ठेकेदारों का भुंसा क्रय अनुबंध में गड़बड़ी!
(8) गाडडियों के धर्मकांटा में गड़बड़ी!
(9) आवक जावक नापतौल में गड़बड़ी!
(10) समिति से धान आवक वजन कांटा पर्ची में गड़बड़ी!
(11) किन किन समितियों में गड़बड़ी हुआ है वजन कांटा पर्ची में धांधली!
(12) गाड़ी में आई कमी का किन किन धर्मकांटा में पूर्ति किया गया।
(13)किन किन मिल में बारदाना पल्टी किया गया।
ये से अनेक मामले है जिनमें खुलकर हांथ सफाया किया था,और वर्तमान में कर रहे हैं,पूर्व में कमी बेसी का हाल और वर्तमान में कमी बेसी का हाल बुरा है, उसके बाद भी दीपेश पाण्डेय माला माल है।

बागबाहरा धान संग्रहण केन्द्र को क्यों छोड़ना नही चाहते यही सवालों के घेरे में है। मिलि जानकारी अनुसार महासमुंद डीएमओ पैसा लेकर जांच कमेटी को जांच करने में बाधित कर रहा है, किसी प्रकार का जांच होने नही दे रहा है।
पता चला है कि केन्द्र प्रभारी बेधड़क बोलता फिर रहा है कि मैंने डीएमओं को पैसा दे दिया है,सामने वाले मेरा लाख शिकायत करें मेरा बाल पाका नही कर सकता।
डीएमओ और संग्रहण प्रभारी की मिली भगत से बागबाहरा धान संग्रहण केन्द्र को लाखों का चुना लगाया जा रहा है, क्या अघिकारी अब भी चुप रहेंगें या कार्यवाही कर उनके खिलाफ 420 का मामला दर्ज करायेंगे।

