बलौदाबाजार वन मंडल में पदस्थ वन चौकीदार आबिद खान को वन मंडलाधिकारी बलौदाबाजार द्वारा सुरक्षा प्रदान किया जा रहा हैं।
रायपुर / छत्तीसगढ़ के वन विभाग में फर्जी नियमितीकरण का लाभ लेकर नौकरी कर रहे कर्मचारी लगातार बलौदाबाजार वन मंडल में पदस्थ हैं। प्रकाशन व शिकायत के पूर्व कोठारी वन परिक्षेत्र में पदस्थ रहकर कोठारी वन परिक्षेत्र में बाबु के कार्य तथा बीट चार्ज पर रहकर लगभग लाखों करोड़ो रूपया का चुना लगाने का कार्य किया है।
वर्ष 1997 के पूर्व कार्यरत बताकर फर्जी तरिका से नियमितीकरण का लाभ लिया गया है, वह वन चौकीदार आबिद खान है जिन्होंने विभाग के आंखों में धुल धोंककर नाबालिक रहते हुए नियमितीकरण का लाभ ले लिया है।
कोठारी वन परिक्षेत्र में लगातार अपना दबदबा बनाकर रखा जिसके कारण वन रक्षक से लेकर डिप्टी रेंजर भी उस वन चौकीदार को नमस्कार चमत्कार करते थे!
सीजी संचार क्रांति न्यूज ने दबिस देकर उनके काले कारनामों का खुलासा किया है, लगातार उनके कृत्यों का उजागर करते हुए आ रहा है!
दरअसल मामला यह है कि वन विभाग के बलौदाबाजार वन मंडल के अंतर्गत पदस्थ वन चौकीदार लंबे समय से कोठारी परिक्षेत्र कार्यालय में लिपीक के रूप में पदस्थ होकर लिपीक कार्य करते हुए आया था। लगातार प्रकाशन, व शिकायत के बाद उन्हे कोठारी परिक्षेत्र से हटाकर बलौदाबाजार के अधीनस्थ डिपों में पदस्थ कर दिया गया है।
नियमत: आबिद खान के पिता जी विभाग में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत था, उनके निधन के बाद आबिद खान को दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्य पर रखकर कार्य लिया गया! लेकिन जब नियमितीकरण का फायदा लेना था तब वर्ष 1997 के पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी बताकर फर्जी तरिका से नियमितीकरण का लाभ ले लिया गया है।
उक्त फर्जी नियमितीकरण के मामले को लेकर,मुख्य मंत्री,वन मंत्री, मुख्य सचिव से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक,वन मंडलाधिकारी एवं कलेक्टर बलौदाबाजार को शिकायत किया जा चुका है लेकिन उन लोगों के द्वारा कोई कार्यवाही नही किया गया है जो शासन प्रशासन के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। क्या कार्यवाही होगा या अधिकारी बंचाने में सफल रहेगा।

