छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में पदस्थ महिला सचिव व सेवानिवृत बी.जी.बंग के आतंक से छोटे कर्मचारी है परेशान
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ वन धन भवन कार्यालय इन दिनों चर्चा में छाया हुआ है, वन धन भवन में पदस्थ महिला सचिव की आतंक से सारे कर्मचारी परेशान है! कानूनी व किताबी तौर तरिका के लिए सेवानिवृत तिलकधारी बी.जी.बंग को अपने सहयोगी के रूप में संविदा में भी पदस्थ किये हुए है, वह अपने ज्ञान की परचम लहरा रहा है !किसी भी कर्मचारी के लिए कभी भी कुछ भी नोटिस बना देता है और शिकायत पत्रों का जवाब तोड़मरोड़कर बनाने में महारत हासिल किये हुए हैं।
इसी कड़ी में एक संदेश वाहन ने मानसिक रूप से परेशान होकर कानूनी नोटिस तलब कराया है जिसमें संबंधित पिड़ीत संदेश वाहन ने नोटिस के माध्यम से लेख किया है जिसमें उनके वकील ने विधिक नोटिस तामिल किया कि अपने उपरोक्त वर्णित पक्षकार श्री शोभनाथ साहू संदेश वाहक निवासी- सुरज नगर, लाभांडी, हनुमान मंदिर के पास, थाना तेली बांधा, तहसील व जिला रायपुर (छ.ग.) से प्राप्त अधिकार, उपलब्ध दस्तावेज, दी गई जानकारी एवं उसके निर्देश अनुसार आप दोनों नोटिस प्राप्तकर्ता को निम्नांकित आधार पर विधिक नोटिस सम्प्रेषित करता हूं :-



1. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 01 उपरोक्त दर्शित पते पर सपरिवार निवास करते है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 कार्यालय संयुक्त आयुक्त एवं सचिव पद पर नया रायपुर में पदस्थ है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 01 के द्वारा मेरे पक्षकार के विरूद्ध आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के कार्यालय पते पर शिकायत स्वरूप एक आवेदन पत्र लिखित में प्रस्तुत किया गया है, जिसकी जानकारी आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के द्वारा मेरे पक्षकार को मौखिक रूप से दी गई है।
2. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्ता क. 01 से मेरे पक्षकार की कोई खास जान पहचान नहीं है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के कार्यालय पते पर नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 01 के द्वारा प्रस्तुत किए गए लिखित शिकायत आवेदन पत्र पर तथ्य की पूर्व जांच किए बगैर एवं वास्तविकता की जानकारी प्राप्त किए बिना दिनांक 17/12/2025 को पत्र क्रमांक एम.एफ.ई.ओ. 1/स्थापना/2025/2597 अनुसार विशेष सहायक माननीय मंत्री जी वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ राज्य शासन को कार्य से पृथक किए जाने अनुशंसा पत्र प्रेषित किया गया है।
3. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्तागण के द्वारा लिखित शिकायत आवेदन पत्र एवं अनुशंसा हेतु प्रेषित किए गए पत्र में उल्लेखित दिनांक 20/08/2025 को नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 01 को जमीन पट्टा दिलाने के नाम पर 1,00,000/-रू. की ठगी किए जाने के शब्द का उपयोग करते हुए असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर देशी कट्टा एवं चाकू दिखाकर मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मेरे पक्षकार के प्रतिष्ठा व छबि को धुमिल करने के आशय से पत्र व्यवहार एवं अनुशंसा पत्र संप्रेषित किया गया है।
4. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के द्वारा उल्लेखित अनुशंसा पत्र में मेरे पक्षकार के द्वारा कार्यरत् स्थल एवं उसकी समयावधि का लेख करते हुए जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर दिनांक 20/01/2023 को पुलिस अधीक्षक रायपुर को प्रेषित किए गए शिकायत का लेख करते हुए अपहरण करने, जान से मारने की साजिश जैसे तथ्य का लेख अपने अनुशंसा पत्र में किया गया है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्रमांक 02 के द्वारा अपने पत्र में दिनांक 09/01/2024 को मेरे पक्षकार के आचरण के विरूद्ध अनुचित व अशोभनीय तथ्य का लेख करते हुए रमेश साहू की पत्नी एवं भाई के साथ मारपीट किए जाने का तथ्य अपने पत्र में संदर्भित करते हुए मेरे पक्षकार के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग जैसे तथ्य का लेख शिकायतकर्ता के आवेदन पत्र के आधार पर किया जाना उल्लेखित किया गया है।
5. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के द्वारा अपने अनुशंसा पत्र में दिनांक 10/08/2024 के पुलिस कार्यवाही व मेरे पक्षकार के गिरफ्तारी दिनांक 12/10/2024, अभियोग पत्र क्रमांक 202/2023, जिसका प्रकरण क्रमांक 18612/2023 उल्लेख करते हुए अपने अनुशंसा पत्र में मेरे पक्षकार के आचरण के विरूद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की गई है। आप नोटिस
प्राप्तकर्ता के द्वारा उपरोक्त प्रकरण क्रमांक के वस्तुस्थिति का जांच किए बिना अनुशंसा पत्र मैं उपरोक्त प्रकरण का लेख करते हुए मेरे पक्षकार को उसके कार्य से पृथक करने संबंधी अनुशंसा पत्र में उल्लेख किया गया है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता को शिकायतकर्ता के द्वारा उपरोक्त प्रकरण में दिनांक 09/08/2024 को आयोजित लोक अदालत खण्डपीठ क्रमांक 16 में शिकायतकर्ता के द्वारा न्यायालय उपस्थित होकर आपसी राजीनामा के आधार पर प्रकरण की कार्यवाही समाप्त किया गया है। आप नोटिस प्राप्तकर्ता क्र. 02 के द्वारा उपरोक्त तथ्य के संदर्भ में मेरे पक्षकार से किसी प्रकार का कोई जानकारी प्राप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर दस्तावेज प्रस्तुत करने अथवा सुनवाई हेतु प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप समुचित अवसर प्रदान न करते हुए अपने शक्ति का दुरूपयोग करते हुए मेरे पक्षकार को उसके कार्य से पृथक किए जाने संबंधी अनुशंसा पत्र जारी किया गया है। जिसमें मेरे पक्षकार के आचरण के सदंर्भ में प्रतिकूल टिप्पणी करते हुए मानहानिकारक शब्दों को उपयोग व प्रयोग किया गया है, जिसे कार्यालय में पदस्थ अन्य कर्मचारी अधिकारी के सामने उक्त पत्र जारी किए जाने के संपूर्ण तथ्य को सार्वजनिक किया गया था, ऐसा मेरे पक्षकार का कथन है।
6. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्ता क. 01 के द्वारा इस आशय का ज्ञान होने के बाद भी कि, शिकायत आवेदन पत्र में उल्लेखित अनुसार किसी प्रकार का कोई घटना दिनांक 20/08/2025 को घटित नहीं हुआ है, पश्चात् भी मेरे पक्षकार को ठगी किए जाने, असामाजिक तत्व के साथ मिलकर देशी कट्टा एवं चाकू दिखाकर धमकी दिए जाने संबंधी तथ्य का लेख करते हुए अपमानजनक शब्दों का उपयोग कर लिखित शिकायत आवेदन पत्र मेरे पक्षकार के कार्य स्थल के पते पर प्रस्तुत किया गया है। जिसे मेरे पक्षकार के कार्यालय में कार्यरत् उच्च अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी के द्वारा पढ़े जाने से मेरे पक्षकार के मान सम्मान पर प्रतिकूल/विपरीत असर हुआ है। मेरे पक्षकार का कथन है कि, आप नोटिस प्राप्तकर्तागण के द्वारा उपरोक्त अनुसार किए गए कृत्य से मेरे पक्षकार को कार्यालय में कार्यरत् अन्य कर्मचारी व अधिकारी जिसके मध्य मेरे पक्षकार की अच्छी खासी प्रतिष्ठा व छबि थी, उक्त शिकायत व कार्यवाही के चलते कार्यालय में एवं सार्वजनिक जन जीवन में उक्त पत्र का सार्वजनिक किए जाने से मेरे पक्षकार का प्रतिष्ठा व छबि लोगों के नजर में धुमिल हुई है।
7. यह कि, आप नोटिस प्राप्तकर्तागण को ज्ञात हो कि, कथित शिकायत के संबंध में किसी भी पुलिस विभाग के द्वारा जांच किया जाकर किसी भी न्यायालय द्वारा जांच उपरांत अथवा विचारण उपरांत प्रकरण न ही लंबित है और ना ही दोषसिद्ध किया गया है। इस वास्तविक तथ्य कि, जानकारी होने के बाद भी शिकायत आवेदन पत्र में एवं अनुशंसा पत्र में आप नोटिस प्राप्तकर्तागण के द्वारा मेरे पक्षकार के आचरण के संबंध में प्रतिकूल एवं अपमानजनक शब्दों का उपयोग कर पत्र व्यवहार व अनुशंसा पत्र जारी किया गया है, मेरे पक्षकार का कथन है कि, उक्त पत्र व्यवहार व शिकायत आवेदन पत्र से वर्तमान मे मेरे पक्षकार का कार्यालय में व अन्य स्थानों पर आने-जाने से मेरे पक्षकार को लोग संदेह की नजर से देखने लगे व अनुचित व्यवहार करने लगे है। आप नोटिसप्राप्तकर्तागण के द्वारा किए गए उपरोक्त अनुचित व अवैधानिक कृत्य के परिणाम स्वरूप मेरे पक्षकार को विश्चिक नोटिस प्रेषित किए जाने की आवश्यकता हुई है।
अतः आप नोटिस प्राप्तकर्तागण को इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि, नोटिस प्राप्ति के 07 दिवस के भीतर आप नोटिस प्राप्तकर्तागण लिखित शिकायत आवेदन पत्र में एवं कार्य से पृथक किए जाने के संबंध में अनुशंसा पत्र में मेरे पक्षकार के आचरण पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणी व अपमानजनक शब्द का उपयोग व प्रयोग से उद्द्भूत छबि को धुमिल किए जाने वाले कृत्य के लिए लिखित में माफीनामा जारी करें। अन्यथा नोटिस का अनुपालन नहीं किए जाने की दशा में आप नोटिस प्राप्तकर्तागण के विरुद्ध मेरा पक्षकार सक्षम न्यायालय में दिवानी व फौजदारी मामला प्रस्तुत करने हेतु स्वतंत्र होगा। जिस पर होने वाले संपूर्ण हर्जे खर्चे व परिणाम की जवाबदेही आप नोटिस प्राप्तकर्तागण की होगी।

इस प्रकार से पिड़ीत संदेश वाहक के वकील ने विधिक नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने हेतू लेख किया है, संतोष जनक जवाब नही दिये जाने पर मानहानी दावा प्रस्तुत किया जायेगा। शिकायतों का लगातार प्रकाशन हो रहा है जिस प्रकार से कर्मचारीगण लगातार शिकायत कर रहे है इससे येसा प्रतित होता है कि संबंधित सचिव आदतन प्रताड़ित करने वालों मे से है।
देखते है आगे क्या अपडेट आता है, सचिव अपने आचरण व व्यवहारों में सुधार लाता है या पूर्ववत की तरह कर्मचारियो को प्रताड़ना देता रहेगा, आगे की खबर के लिए आप सब बने रहिये CG संचार क्रांति न्यूज के सांथ!



