वन विभाग की बड़ी कार्यवाही जगदलपुर वनकर्मियों की धमक से 14 अतिक्रमणकारियों को किया गिरफ्तार
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग के जगदलपुर बस्तर जिले के माचकोट वन परिक्षेत्र में वन विभाग की सतर्कता ने एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया है। वनभूमि को खंडित कर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे 14 लोगों को वन विभाग के विशेष दस्ते ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सूचना मिली थी कि माचकोट रेंज की आरक्षित वनभूमि में सुनियोजित तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है, ताकि जमीन पर अवैध कब्जा किया जा सके। जांच में सामने आया कि सभी आरोपी सुकमा जिले के कूकानार क्षेत्र से आकर यहां वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहे थे। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 14 आरोपियों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान अवैध कटाई के स्पष्ट सबूत भी बरामद किए गए। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत वन अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेज दिया गया।

अगर सरकार येसे सख्त कदम उठाने के लिए वन विभाग को स्वतंत्र करता और कड़ी से कड़ी दण्ड का प्रावधान बनाता तो निश्चित ही जंगल बंच जाता! प्राय: यह देखने के मिल रहा है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण सबसे ज्यादा वनों की कटाई और अतिक्रमण हो रहे है जिस पर रोक लगाया जाना आवश्यक है।

