छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में वर्षो से चल रहा है जबरदस्त खेला, बन चुका है सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारियों का पालना घर
रायपुर / छत्तीसगढ़ के रायपुर राजधानी में अजीबो गरीब खेला चल रहा है , एक तरफ बेरोजगार अपनी बेरोजगारी से तंग है बड़े बड़े डिग्री लेकर नौकरी के लिए घुम रहे है वही दुसरी तरफ छत्तीसगढ़ शासन अपने चहेतों को आजीवन नौकरी का पट्टा देने के मुड में लगातार सेवानिवृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मलाईदार खुर्शी में बैठाकर रखे हुए हैं।
छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवा नौकरी तरास रहे है वही अनियमित दैनिक वेतनभोगी, दो दशकों से काम करने के बाद अपनी नियमित पदों के तलास में बैठे हैं। किन्तु छत्तीसगढ़ की सरकार के कानों में जूं तक नही रेंग रहा है, दमनकारी नीति के सांथ मनमानी ढांचा तैयार कर बड़े बड़े विभाग,निगम,मंडल, बोर्ड में सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी को पाल रहे हैं।
हमने सुना था कि बच्चों का पालना घर होता है लेकिन महज हमको देखने को भी मिल रहा है कि रिटायरमेंट अधिकारी कर्मचारियों के लिए भी पालना घर,कार्यालय होता है।

जब सुनील,चंदन नगर वार्ड नंबर- 03 मोतीपुर राजनांदगांव जनसूचना अधिकारी, सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी प्रदाय करने के संबंध में पत्र लिखा है जिसमें मांग किया है कि
सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संविदा कर्मी एवं प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारी, कर्मचारी की जानकारी प्रदान करे बाबत,
जिसमें निम्न अधिकारी कर्मचारी की जानकारी चाही गई है जैसे की :-
(1) श्री नेतराम नायक, सेवानिवृत्ति अंकेक्षण अधिकारी, छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ रायपुर
(2) श्री बृजगोपाल बंग, प्रशासनिक अधिकारी (संविदा), छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ रायपुर
(3) श्री कौशल कुमार धनगर, विशेष कर्तव्यस्थ (संविदा) अधिकारी, छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ रायपुर
(4) श्री अनूप कुमार श्रीवास्तव, लेखा अधिक्षक (संविदा), छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ रायपुर
(5) श्री योगेश श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-03 (संविदा), जिला यूनियन सरगुजा
(6) श्री सुधीराम, लेखापाल (संविदा), जिला यूनियन पश्चिम भानूप्रतापपुर
(7) श्री त्रिभुवन यादव, लेखापाल (संविदा), जिला यूनियन पूर्व भानूप्रतापपुर
(8) श्री शैलेन्द्र कुमार बघेल, कनिष्ठ लेखापाल (प्रतिनियुक्ति), लघु वनोपज संघ रायपुर
(9) श्री ओमप्रकाश पाण्डेय, लेखापाल (संविदा), वृत्त कार्यालय सरगुजा
उपरोक्तनुसार सेवानिवृत्ति संविदा एवं प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों की वर्ततान नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रति तथा उक्त नियुक्ति से संबंधित पूर्ण नोटशीट, विभागीय समिति की कार्यवाही विवरण से संबंधित दस्तावेज की सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का कष्ट करें। संबंधित दस्तावेजों की छायाप्रति शुल्क मेरे द्वारा भुगतान कर दिया जाएगा।
ये से ही मामला छत्तीसगढ़ के पुरे 54 विभागों में देखने को मिलेगा,जहां पर सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारियों को बैठाकर रखे हैं। जब जानकारी लिया गया तो कुछ जगहों पर कहते है कि अनुभव का लाभ लेने के लिए रखे हैं।
दरअसल मामला अनुभव का लाभ नही बल्की इन लोगों से बेहतर भ्रष्टाचार कोई कर ही नही सकता,इसलिए खुर्सी पक बैठाये हुए है, मंत्री लोग बड़े बड़े बाते करते फिरते रहते है लेकिन पता नही किस एहसान तले दब जाते है कि मजबुरन मंत्री को हि रिकमेंट करना पड़ता है कि फलाना को रखा जाये।

क्या मंत्री मंडल को बेरोजगार लोग नही दिख रहे है, विभागों में लंबे समय से दो दशकों से काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी,अनियमित नही दिखते है,अगर जीवन बनाना ही है तो मंत्री मंडल येसे लोगो के बारे में सोचें, मंत्रालय में बैठे समस्त सचिव येसे लोगो के बारे में सोचे जो बेरोजगार है अनियमित है दैनिक वेतनभोगी हैं जो अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए अंत्री,मंत्री,संत्री व मंत्रालयों के दफतर के चक्कर काट रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में जितने भी अधिकारी,कर्मचारी संगठन है उन तमाम संगठनों को मांग करना चाहिए की मंत्रालय से लेकर निचले पुरे 54 विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग में जितने भी सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारी को पुन: जाबदर,या संविदा,या दैनिक वेतनभोगी रेट पर कार्य पर रखे है उन्हे तत्काल कार्य से मुक्त करे!
अगर कार्य कराने की ही आवश्यकता है तो दैनिक वेतन भोगी, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करें,बेरोजगार लोगों को भर्ती के माध्यम से अवसर प्रदान करें।
विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग को सरकार पालना घर न बनाये!

