लापरवाही बरतने वाले महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित,
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले सन सनी खेज खुलासा हुआ है, महासमुंद जिला के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने यह बड़ी कार्रवाई प्रश्नपत्र विवाद, लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर उनके विरूद्ध कठोर कदम उठाते हुए कार्यवाही की है।
ग्रूप्त सूत्रो से प्राप्त जानकारी अनुसार हाल ही में परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों के मामले में गंभीर गड़बड़ियां खुलकर सामने आया था, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में यह मामला सामने आया है, कि लापरवाही पूर्वक और प्रशासनिक चूक हुआ है जिसके कारण विजय कुमार लहरे को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अप्रैल को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। वहीं, प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए बी.एल. देवांगन को महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी का व्यवस्था के रूप में अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, और अन्य अधिकारियों में भय बना हुआ है।

लेकिन इसी कड़ी में बागबाहरा विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध भी येसा ही कार्यवाही होना चाहिए, जब जब हमारे पत्रकार सांथी बागबाहरा स्थित बी.ओ. आफिस गया तो वो हमेशा दौरा गये है कहकर नादारत रहे है जब अधिकारी इमानदारी पूर्वक दौरा कार्य कर रहे है स्कुलों का निरीक्षण रहे तो स्कुलों में विशंगती क्यों ?
कुछ आश्रयधारी शिक्षक रहते है लगातार नादारत उसके बाद भी उसका पगार (वेतन) सम्मान जनक मिल जाता है, जब कोई शिक्षक बिना मेहनत करे पैसा ले लेता है तो उसे परिश्रम करने की कोई बात है। लंबे समय से नादारत शिक्षक को विधिवत वेतन भुगतान हो जा रहा है येसा तो हाल है विभाग का है, हमारे खोजी पत्रकारों के द्वारा कुछ स्कुलों का निरीक्षण किया गया तो पता चला की शिक्षक समय से पहले स्कुल छोड़कर चले जाते हैं।
और जब घर से स्कुल आना होता है तो बड़े आराम से आते हैं स्कुलों में और कुछ समय रहकर घर चले जाते हैं, येसे स्थिति में कौन पढा पायेगा , बागबाहरा विकास खंड के ब्लाक शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही कर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए।

