कोठारी वन परिक्षेत्र में वन चौकीदार का जलवा, रेंजर भी उसके आगे फैल,भ्रष्टाचार खुलकर किया जा रहा है…
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग के बलौदाबाजार वन मंडल के कोठारी परिक्षेत्र में पदस्थ वन चौकीदार आबिद खान का जलवा है, पद तो वन चौकीदार है किन्तु बाबू और वन रक्षक से कोई कम नही बल्की 101% आगे है!
जैसे एक कहावत है न…
राम नाम जपना,
पराये माल अपना!
आबिद खान वर्ष 1997 के पूर्व कार्यरत दैनिक वेतन भोगी बताकर नियमितीकरण हुआ है जो संसय का विषय है! नियमितीकरण तो वन चौकीदार के पद पर लेकिन काम बाबु का और जंगल में मंगल मनाने के लिये बीट के चार्ज पर भी! आबिद खान वन चौकीदार लंबे समय से कोठारी वन परिक्षेत्र में लिपिक का कार्य कर रहे,और बीट में वन रक्षक के रूप में बीट चार्ज पर है!
अब गंभीर मसला ये है कि क्या आबिद खान वन चौकीदार आफिस के काम को बखूबि से निभा रहे है या बिट के कार्य को बखुबी से निभा रहे है!
क्योंकि दोनो का एक सांथ करना किसी भी हाल में संभव नही है, आबिद खान तो शासन के आंखो में धुल झोंककर नौकरी कर रहा है!
और विभाग को चुना लगाने के लिये सारे पैतरे अजमा रहे है!
यही आबिद खान वन चौकीदार है जो रेंजरों पर हुकुमत चलाते हुए,अपने बहीन दामांद हैदर खान को दैनिक वेतन भेागी के रूप में रखा हुआ है!
वन चौकीदार आबिद खान को प्रतिमाह हाऊसरेंट लगभग 1000 से 1500 के मध्य हाउस रेंट मिल रहा है, तो किस हिसाब से शासकीय क्वाटर में अतिक्रमण किया हुआ है!
वन रक्षक के आवास में स्वयं का आधिपत्य स्थापित किये हुए है!
अगर आबिद खान कार्यालय में बैठकर लगातार कार्य करता है तो उनके बीट की रखवाली कौन करता है!
अगर बीट की कार्य जिम्मेदारी से करता है तो आफिस के कार्य को कौन करता है!
कोई जिन्न तो आता नही होगा जो दोनो क्षेत्र के कार्य बखुबी से निभा पा रहे होंगे!
आबिद खान वन चौकीदान ने अपने बहिन दामांद हैदर खान को बेलगाम छोड़ा हुआ है,
नांच न जाने आंगन टेढ़ा…..
मतलब आप सब समझ सकते होंगे की एक वन चौकीदार के दामांद, खुला स्मगलिंग कर सकता है,तो न जाने क्या क्या नही करता होगा,अगर वन चौकीदार पद से बड़े ओहदे में रहता आबिद तो न जाने क्या क्या होता!
कोठारी वन परिक्षेत्र में जब से आबिद खान पदस्थ है तब से भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, रेगुलर स्टाप से भी उनका संबंध ठीक नही है, वन चौकीदार होकर अपने उपर लेबल के कर्मचारियों के सांथ उनका व्यवहार उचित नही है!वन रक्षक आवास को अधिग्रहित कर लिया है, हाऊसरेंट का प्रतिमाह पैसा ले रहा है और सरकारी आवास को काबिज कर रहा है!
इसी को कहते है ,,नहला पे दहला,,
यह न्यूज केवल अभी ट्रेलर है पुरा फिक्चर अभी बाकी है इसलिये आप सभी बने रहिये CG संचार क्रांति न्यूज के सांथ!
वन चौकीदार श्री हैदर खान के विरूद्ध ग्राम तुरतुरिया एवं बफरा मे संचालित कर रहे दुकानदारो के द्वार कई शिकायत ग्राम पंचायत बफरा तथा ग्राम पंचायत भिंभौरी के सरपंच के पास किया गया था, दुकानदारो के अपने शिकायत मे यह उल्लेख किया है कि श्री हैदर खान के द्वारा अवैध शराब बिक्री करने वालो को संरक्षण दिया जाता है! श्री हैदर खान शराब का सेवन करने के पश्चात् उक्त स्थानो पर दुकान संचालन कर रहे महिलाओ को अपशब्दो का प्रयोग कर डराने धमकाने का कार्य करते थे ! तथा स्वयं बेरियर में शराब पीने और मांस मदिरा का सेवन करने के उद्देश्य से अनाधिकृत व्यक्ति को अपने बेरियर मे प्रवेश देकर बैठाकर रखते थे!
इसी कई प्रकार की गलतियाँ श्री हैदर खान के द्वारा बार बार किया जाता रहा है, जिसके कारण शिकायत ग्रामीणो के द्वारा की जा रही है।
हैदर खान अभी भी तुरतुरिया जाकर शराब पीकर नशे हालत में गाली गलौच करते रहता है!
हैदर खान के द्वारा नशे हालत में गाली गलौच करते हुए यह कहा जाता है कि मेरे साढ़ु कोठारी में बाबु है मेरा कोई कुछ बिगाड़ नही सकता येसे धमकाते रहता है।
धार्मिक स्थल तुरतुरिया में दुकानदार अपनी रोजी रोटी के लिये दुकान डालकर बैठे हुए है ! ग्राम पंचायत भिंभौरी तथा खुड़मुड़ी के सरपंच ने लेटर लिखकर वन मंडलाधिकारी से इन्हे कोठारी परिक्षेत्र से तत्काल हटाने का मांग किया है।
हैदर खान चौकीदार अपने साढ़ु आबिद खान वन चौकीदार के भरोसे बहुत गरजता है और मनमानी करता हैं। आबिद खान वन चौकीदार है और वन परिक्षेत्र कार्यालय के बाबु भी है, जो बीट चार्ज में भी है और कार्यालय में लिपिक के रूप में भी कार्य करता है!
अपने रिस्तेदार को इतनी स्वतंत्रता देना भी उचित नही है, बारनवापारा वन परिक्षेत्र अधिकारी ने हैदर खान को रेत मामले में रंगे हांथो भी पकड़ा था लेकिन उसे आबिद खान के नाम से छोड़ दिया गया कुछ भी कार्यवाही नही किया।