बागबाहरा तहसील में पटवारी व आरआई की मनामनी से ग्रामीण परेशान
रायपुर / महासमुंद जिला के बागबाहरा तहसील में जमीन दलाल सक्रीय है,और उनके कंधे से कंधे मिलाकर सहयोग प्रदान करने वाले कुछ पटवारी और आरआई भी सक्रीय है!
ग्राम सिर्री पठारीमुड़ा में ग्रामिण विगत कई वर्षों से शासकीय भूमि पर काबिज कर जीवन यापन करते हुए आ रहे है,चाहे वो दलहन या तिलहन फसल उपजा रहे हो!किन्तु उक्त जमीन पर सेंध लगाने के लिये पैसा पार्टी सक्रीय होकर पटवारी व आरआई तहसीलदार के जेब गरम कर बाहरी व्यक्तियों के नाम से काबिज चढ़ाया गया है!
ग्रामिणों ने बताया है कि पूर्व में जब ध्रूव नारायण पटवारी था तो जमिन काबिज चढ़ाने के नाम से 10,000-10,000 रूपया लिया था किन्तु रिकार्ड में काबिज नही चढ़ाया! रूपेश सिन्हा पटवारी ने भी पिड़ित पक्ष से 50,000 -50,000 रूपया लिया था,नक्शा में चिन्हाकित कर नाम चढ़ाने के लिये,और पट्टा बनाने के लिये,न तो काबिज भूमि पर नक्शा खसरा नें नाम चढ़ाया ना हि पट्टा बनाया! बल्कि उपर से अन्य बाहरी व्यक्ति के नाम से कब्जा चढ़ा दिया और ग्रामीणों को बेदखली करने का इंतजाम कर दिया है!
बागबाहरा में भूमाफिया व दलाल सक्रीय है इसी के आड़ में कुछ पटवारी लोग का बल्ले बल्ले हो गया है!
दिनांक 26.06.2025 को सीमांकन करने का आदेश जारी कर विकास खंड के बाहर रहने वाले व्यक्ति के नाम से भूमि को काबिज चढ़ाकर उन्हे अधिकार पत्र देते जा रहे है और वर्षो से काबिज ग्रामीणों को गोल गोल घुमा रहे है! कल दिनांक 26.06.2025 को ग्राम सिर्री पठारीमुड़ा में होने वाले सीमांकन कार्य को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का मांग अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा एवं तहसीलदार बागबाहरा को पत्र सौंपा गया है!
जबकी सीमांकन कार्य 15 जून तक ही होता है उसके बाद सीमांकन कार्य नही किया जाता है, किन्तु धन बल से हर काम को संभव की राह पर ले जा रहे है जो खेद का विषय है! सीमांकन कार्य पर रोक नही लगाया जाता है तो माननीय उच्च न्यायालय में पीआईएल जनहित याचिका दायर किया जायेगा जिसके लिये पूर्ण रूप से जिम्मेदार तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा होंगें!