पटवारी रूपेश सिन्हा ने कब्जा चढ़ाने व पट्टा बनाने के नाम से ग्रामीणों से लिया पैसा
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के बागबाहरा तहसील में जमीन दलाल सक्रीय है,और उनके कंधे से कंधे मिलाकर सहयोग प्रदान करने वाले कुछ पटवारी और आरआई भी सक्रीय है!
पिड़ीतों ने बताया कि ग्राम सिर्री पठारीमुड़ा पटवारी हल्का नंबर 50 में ग्रामिण विगत कई वर्षों से खसरा नंबर 502 ,549 ,660 ,547 ,596 ,549 , शासकीय भूमि पर काबिज होकर जीवन यापन करते हुए आ रहे है!खसरा नंबर 660 के तुकड़ा में पुनऊ राम निषाद काबिज है जिस जमिन पर उनके घर, बाड़ी है तथा उसी से लगे हुए जमीन में कास्ताकारी कर बोते खाते हुए आ रहे है! जीवराखन,पुनऊराम निषाद,निलकंठ,भागीरथी, मंगलु से तत्कालीन पटवारी रूपेश सिन्हा जो ग्राम पचरी (झलप) का निवासी है उनके द्वारा काबिज चढ़ाकर नक्शा खसरा व पट्टा बनाने के नाम से 50,000-50,000 रूपया लिया गया है किन्तु आज दिनांक तक कोई काम ही नही किया न नक्शा खसरा बनाया न पट्टा !
इसके पूर्व ध्रूव नारायण पटवारी ने 10,000 – 10,000 रूपया लिया था किन्तु आज तक वो भी कोई रिकार्ड नही बनाया !
जिस भूमि पर ग्रामीण कास्तकारी करते हुए आ रहे है उन लोगों के नाम न चढ़ाकर पटवारी येसे लोगों के नाम से काबिज चढ़ाकर रिकार्ड बना दिया है जो सिर्री पठारीमुड़ा का निवासी ही नही हैं।
आज पटवारी रूपेश सिन्हा ने विवादस्पद स्थिति निर्मित कर प.ह.नं. से चला गया, प्रफुल्ल तिवारी मुख्तयारआम विजय लक्ष्मी तिवारी द्वारा लगातार कब्जा धारी ग्रामीणों को परेशान कर रहे है।
CG संचार क्रांति न्यूज के तरफ से दिनांक 26.06.2025 को होने वाले सीमांकन कार्य पर तत्काल स्टे लगाने हेतु दिनांक 25.06.2025 को आवेदन दिया गया है! किन्तु आरआई ने दिनांक 08.07.2025 को सीमांकन के लिये पुन: आदेश जारी किया है, और संदर्भ में अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा, तहसीलदार बागबाहरा के पत्र का हवाला दिया है ! यह जमीन घोटाला का मामला भयावह रूप ले चुका है, लगता है इसके चपेट में उच्च स्तर के अधिकारी भी आने वाले है!
अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा के लिपिक ने कहा कि इसमें हमारा कोई रोल नही है सीमांकन कार्य को रोकने का पावर अपर कलेक्टर और तहसीलदार को ही है,अनुविभागिय अधिकारी को नही है कहा गया है! जबकी अनुविभागीय अधिकारी के संदर्भित पत्र के तहत ही आरआई सीमांकन के लिये सूचना जारी किये है!
सीमांकन कार्य 15 जून के पहले करना रहता है उसके बाद नही किया जाता है! क्योंकि किसान सब अपने किसानी कार्य में लगजाते है किन्तु जिस प्रकार से सीमांकन हो रहा हैं उससे स्पष्ट होता है कि इस षड़यंत्र में बड़े अधिकारी का भी हांथ है!
कहते है न पैसा बोलता है…..
पैसों के बल में ग्रामिणों का आवाज दबा दिया जा रहा है, राजस्व विभाग में लंबे समय से धांधली चलते हुए आ रहा है, गरिबों के सांथ अन्याय करना उचित नही है, नक्शा में चिन्हाकित कर नाम चढ़ाने के लिये अनाप शनाप पैसा लिया गया है! पूर्व में भी प्रकाशन किया गया था किन्तु कोई कार्यवाही नही, इससे येसा लगता है कि उक्त मामले में सभी सामिल है येसा प्रतित हो रहा है??
अन्य बाहरी व्यक्ति के नाम से कब्जा चढ़ा दिया जाना,पट्टा बना दिया जाना राजस्व विभाग के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाता है,और राजस्व विभाग के कार्यों पर संसय उत्पन्न होता है!
वर्तमान में पदस्थ पटवारी श्रीमति रोशनी साहु एवं उनके पति आरआई श्री मोहन साहु द्वारा बड़े ही रूची के सांथ उक्त ग्रामिण जो कब्जाधारी है उन्हे यह बोला जाता है कि तुम लोग उस जमिन को छोड़ दो जमीन के बदले पैसा ले लो और दुसरे जगह जमिन खरीद लो इस प्रकार के सलाह देना, मतलब जमीन धांधली में सामिल होने जैसा ही है!
ग्रामिणों ने बताया कि पटवारी व आरआई दंपत्ति द्वारा यह भी कहा गया है कि उन लोग पैसा वाले है कुछ भी कर सकते है इसलिये जमीन छोड़ दें!
इस प्रकार से पटवारी और आरआई दोनों पति पत्नि ने पिड़ित पक्ष को अविधिक तरिका से सलाह दे रहे थे!
बागबाहरा में भूमाफिया व दलाल सक्रीय है इसी के आड़ में कुछ पटवारी ,आरआई, तहसीलदार,एसडीएम लोगों का बल्ले बल्ले हो गया है!
राजस्व मंत्री बागबाहरा के जमीन घोटाला को संग्यान में और अनुविभागीय अधिकारी,तहसीलदार, आरआई,पटवारी के उपर निलंबन की कार्यवाही करें जो गरीबों को दर दर भटका रहा है काबिज भूमि पर कब्जाधारी का नाम नही चढ़ा रहा है,और बाहरी लोगों का रिकार्ड दुरूस्त कर रहा है,नाम चढ़ा रहा है। विशेष कर सिर्री पठारीमुड़ा प.ह.नं.50 में जमीन खरीदी बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाये और बाहरी व्यक्तियों के नाम से शासकीय भूमि पर चढ़ाये जा रहे काबिज को तत्काल निरस्त किया जाये!
नही तो जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में प्रकरण दायर किया जायेगा।