कोठारी रेंज में पदस्थ वन चौकीदार का फर्जी नियमितीकरण
रायपुर / छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला के कोठारी रेंज में पदस्थ वन चौकीदार फर्जी तरिका से नियमितीकरण का लाभ लेकर कर रहे है नौकरी!
वन चौकीदार की दादागीरी चरम सीमा पर है उन्होने अपने गुर्गों से धमकी दिलवाता है, और वकील के माध्यम से मानहानी का नोटिस भेजवाता है।
छत्तीसगढ़ी में एक कहावत है न
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
येसा हि हाल वर्तमान में है,कुटरचीत तरिका से नियमित होना,और दुसरों को शिक्षा का पाठ पढ़ाना, रेंजर इतना मेबरबान कि वन चौकीदार को बीट चार्ज दे दिया है,और कार्यालय में लिपीक का कार्य भी दे दिया है जबकी एक ही समय में दों दों कार्य संभव ही नही है! एक कार्य कार्यालय में बैठकर करना रहता है वही दुसरा कार्य वनों की सतत गस्त करना रहता है जहां वन्यजीवों की सुरक्षा करना होता हैं। अगर कार्यालय में बैठकर कार्य करता है तो वन्यजीवों की रक्षा वनों में कौन करता है? अगर वनों में वन्यजीवों की रक्षा कर रहा है तो कार्यालय में विभाग्य कार्य कौन करता है? मतलब हम इसे येसा भी कह सकते है कि दसों उंगली घीं में है,पूर्व में समस्त साक्ष्य सहित शिकायत किया गया था,dfo,sdo को किन्तु बंचाने के फिराक में कार्यवाही नही किया जा रहा है जो कि विभाग के कार्यशैली में प्रश्वचिन्ह लग रहा हैं।