कटघोरा वन मंडल में चल रही है मनमानी,वन्यप्राणीयों की सुरक्षा कराने के बजाय बीट चार्ज में लगे गेमगार्ड
रायपुर / वन विभाग में वन्यप्राणियों के संरक्षण के गेमगार्ड के रिक्त पदों पर सीधीभर्ती किया गया है, लेकिन उस गेमगार्ड लोगों के वन्यप्राणीयों के सुरक्षा कराने के बजाय बीट चार्ज दे दिया गया है! मूल रूप से गेमगार्ड का कार्य क्या है, भर्ती क्यों किया गया था, कटघोरा वन मंडल में गेमगार्ड गंगाराम नेताम को केंदई रेंज सर्किल सिरमिना, बीट झिनपुरी, एवं सिरमिना दो जगह बीट के चार्ज पर है! एक गेमगार्ड को को दो दो बीट का चार्ज दिया गया है, गंगाराम नेताम की तरह और दो गेमगार्ड कटघोरा वनमण्डल में पदस्थ है,एक को पसान रेंज में पदस्थ किया गया है ! जबकि वन मंडलाधिकारी को भलीभांति मालूम है कि गेमगार्ड का मूल कार्य क्या है और उसकी भर्ती किस लिये किया गया है।
वन मंडलाधिकारी कटघोरा के द्वारा केंदई रेंज के चोटिया में हांथी नियंत्रण केन्द्र स्थापित किया गया है, उस हांथी नियंत्रण केन्द्र में हाथी ड्यूटी के नाम से 15-15 दिनों के लिये कर्मचारियो की ड्युटी लगाया जा रहा है। हांथी नियंत्रण केन्द्र में कटघोरा वनमण्डल के समस्त रेंजों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाया गया है, जबकि कटघोरा वनमण्डल के पसान, जटगा, ऐतमानगर, केंदई रेंज में हाथी मित्र दलों की नियुक्ति किया गया है!
आपको बताना चाहेंगे की कटघोरा वनमण्डल में 05 गेमगार्ड की भर्ती किया गया जिसमें 2 गेमगार्ड स्थानांतरण करा लिए है, वर्तमान मै 3 गेमगार्ड है एवं 10 हाथी मित्र दल है, किन्तु गेमगार्ड को बीट का चार्ज दिया गया है जबकी हांथी की निगरानी व सुरक्षा के लिये उन कर्मचारियों को हांथी नियंत्रण केन्द्र में ड्युटी लगाना चाहिये!
वन मंडलाधिकारी कटघोरा के द्वारा हाथी नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है तो गेमगार्ड को विशेष रूप से नियुक्त कर हांथी नियंत्रण केन्द्र की जिम्मेदारी देना चाहिये लेकिन येसा न करते हुए बीट में रखा है!
फारेस्ट मैनुअल में गेमगार्ड की क्या भूमिका है,किस लिये पद का संरचना किया गया है मूल दायित्व क्या है,क्या उन्हे मूल दायित्व से भटकाकर बीट में काम लिया जा रहा है! यह एक तरह से मनमानी है, फलस हानी,जनहानी के लिये वन मंडलाधिकारी कटघोरा जिम्मेदार है,जनहानी फसल हानी का के मामले के प्रकरण का अगर जांच किया जाये तो दुध का दुध पानी का पानी हो जायेगा।