बर्खास्तगी आदेश के बाद एनएचएम कर्मचारी का सामूहिक इस्तीफा, मोदी की गारंटी पुरा करने में मिफल रही साय सरकार
रायपुर / महासमुंद अनिश्चित कालीन हड़ताल के 18वें गुरुवार को एनएचएम संघ के पदाधिकारियों के बर्खास्तगी के बाद कर्मचारी और भी ज्यादा उग्र हो गए हैं और अपना आक्रोश दिखाते हुए 16000 एनएचएम अधिकारी व कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा मुख्यमंत्री के नाम से सीएमएचओं को सौंपा।
संघ के जिलाध्यक्ष रामगोपाल खूंटे ने बताया कि हमारी नियमितीकरण व ग्रेड पे जैसे मूलभूत मांगों को लेकर समस्त एनएचएम कर्मचारियों शांतिपूर्ण तरीके से और निश्चितकालीन हड़ताल पर है, लेकिन सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए हमारी एकता को तोड़ने के लिए 125 पदाधिकारियों को बर्खास्त पत्र जारी कर कर्मचारी के मध्य आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी कड़ी में 16000 एनएचएम कर्मचारियों एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया। महासमुंद में 550 से ज्यादा संख्या में सीएमएचओ को मुख्यमंत्री के नाम से अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर जल सत्याग्रह कर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे।

हड़ताल को छत्तीसगढ़ प्रगतिशील सतनामी समाज के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य एसआर बंजारे, विजय बंजारे जिलाध्यक्ष, जीएल कौशिक ने उपस्थित होकर अपना समर्थन दिया। साथ ही मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी भेजा गया। जब तक मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक सतनामी समाज ने कंधे में कंधा मिलाकर चलने के लिए सहमति जताई।

