बारिस नें सड़क की खराब गुणवत्ता पर उठाया सवाल ,पहली बारिश ने ही धो डाला 74 करोड़ का सड़क
रायपुर / छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला के देवभोग एनएच 130 मदांगमुड़ा से देवभोग उड़ीसा बॉर्डर तक बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। सड़क का निर्माण कार्य केवल कुछ माह पहले पूरा हुआ था ! लेकिन पहली बारिश में ही यह बह गई , इस घटना ने सड़क की गुणवत्ता पर संदेह पैदा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मदांगमुड़ा से देवभोग उड़ीसा बॉर्डर तक सड़क निर्माण पर लगभग 74 करोड़ रुपये खर्च हुआ हैं। बारिश के बाद कई हिस्सों में दरारें और डामर टूटने,व धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और तकनीकी मानकों की गंभीर खामियों का खुलासा करता हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में उक्त मामले को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि NHAI की ओर से किया गया निर्माण कार्य बेहद घटिया है। सड़क निर्माण के महज तीन माह में इस स्थिति का आना मानक प्रक्रिया और गुणवत्ता की अनदेखी को स्पष्ट करता है। ग्रामीणों ने सामान्य प्रशासन विभाग से बिंदु वार शिकायत करने की योजना बनाई है।

शिकायतों में निम्न बिन्दु शामिल हैं:
1. सड़क निर्माण में प्रत्येक दिशा में 12 मीटर भूमि अधिग्रहण का प्रविधान था, लेकिन यह मानकों के अनुरूप नहीं किया गया।
2. मुड़ागांव और चिचिया में गरीबों के घरों और शौचालयों को तोड़ा गया है जबकि रसूखदारों के घरों को छोड़ दिया गया है।
3.शहर क्षेत्र में पार्किंग टाइल्स का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं किया गया है।
4.सड़क का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है,और इसमें दरारें आ रही हैं, तथा सड़क धंसते जा रहा है, जो घटिया गुणवत्ता को दर्शाता हैं।

