लोक निर्माण की खुली पोल, उप अभियंता भागबली साहु, दौरा के नाम से शासन को लगाये लाखों का चुना
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला लोक निर्माण विभाग (भ/स)उप संभाग क्रं.02 महासमुंद में पदस्थ उप अभियंता श्री भागबली साहु लंबे समय से स्थानान्तरण नीतियों को चुनौती देते हुए बागबाहरा में पदस्थ हैं। श्री भागबली साहु पहले ईंजीनीयर थे और वर्तमान में उप अभियंता के पद पर पदस्थ है!
दरअसल मामला यह है कि बागबाहरा लोक निर्माण विभाग में पदस्थ उप अभियंता छत्तीसगढ़ शासन के स्थानान्तरण नीति को चुनौती देते हुए लंबे अर्सों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं।
सूचना के अधिकर अधिनियम 2005 के तहत उनके दौरा दैनंदिनी की जानकारी गई थी, उक्त जानकारी के दस्तावेजों के आधार पर उनके दौरा कार्यक्रम का हुआ खुलासा, दौरा के नाम से शासन को लगाया है चुना!
आपको बताना चाहेंगे कि उप अभियंता महोदय बागबाहरा से दौरा निकलते घोयनाबाहरा जिसकी दुरी महज 10 से 12 कि.मी.दुरी है। उन्होने PBKC Road ( पेवमेंट क्वालिटी क्रांकीट ) का निरिक्षण करके घोयनाबाहरा से पुनः अपने मुकाम वापस आया है ! श्री भागबली साहु उप अभियंता ने 10-12 कि.मी. के दुरी को सीधा सीधा 35 कि.लो.मिटर केवल जाने का और आने का 35 कि.मीटर मतलब 70 किलोमीटर का दौरा बताया गया है।

20-24 किलोमीटर की दुरी को सीधा 70 किलोमीटर बताया है,जब एक दिन में 46 किलोमीटर फर्जी दौरा बताकर शासन के अर्थ को नुकसान पहुंचा रहा है! जब से पदस्थ है तब से न जाने कितने लाखों रूपया का नुकसान में शासन को ले आया है, बड़ा गजब का खेला चल रहा है पीडब्लूडी विभाग में,जिधर देखो उधर पैसा!
एक जिम्मेदार अधिकारी जब अपने कर्तब्यों के प्रति लापरवाही बरत रहे है तो बाकी का तो छोड़िये,सूचना के अधिकार में जब भागबली साहु का दौरा दैनंदिनी जनवरी 2022 से मई 2025 तक निकाला गया तब कहीं जाकर पता चला कि श्री साहु कैसे दौरा करते है,और शासन को कैसे चुना लगाते हैं।


लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण भागबली साहु का मनोबल बढ़ा हुआ है बात करने का शैली भी ठीक ठाक नही है।
उनके दौरा दैनंदिनी व उनके कार्यकाल में जितने भी कार्य कराये गये है उन सभी की सुक्ष्म रूप से जांच कराया जायेगा।
सूचना के अधिकार के तहत इतना राशि होता है कहकर राशि तो जमा करा लिये थे किन्तु समयावधि होने के बाद भी एक माह और घुमाया जब कलेक्टर को पत्र लिखा गया की एफआईआर प्रकरण दर्ज किया जाये करके तब कहीं जाकर कार्यपालन अभियंता ने बड़ी मुश्किल से जानकारी प्रदाय किया है। जिसमें यही दौरा दैनंदिनी का सारा दस्तावेज के भीतर की कहानी का पता चला है दौरा के नाम से विभाग को दिमक की तरह कर रहे है खोखला!

आप सब बने रहिये इनके कार्यकाल में कौन सा रोड़, कौन सा भवन, कौन सा पुलिया कैसा बना है सबका परत दर परत खुलासा होगा।

