छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ वन धन भवन में पदस्थ सचिव किरण गुप्ता के खिलाफ उनके पति ओमप्रकाश गुप्ता अधिवक्ता ने एफआईआर दर्ज करने हेतु पुलिस अधीक्षक रायपुर को लिखा पत्र
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में पदस्थ कर्मचारी श्रीमती किरण गुप्ता सचिव के विरूद्ध उनके पति ओमप्रकाश गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक रायपुर को लिखित रूप में शिकायत पत्र प्रेषित किया है जिसमें उन्होने निवेदन किया है कि प्रार्थी उपरोक्त अंकित पते पर लखनऊ में निवास करता है। प्रार्थी दिनांक 21-11-2025 को श्रीमान् मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर (छ०ग०) के न्यायालय में प्रचलित वाद (छत्तीसगढ़ सरकार बनाम ओम प्रकाश गुप्ता) की पैरवी हेतु मा० न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लखनऊ से रायपुर गया था, जहाँ पर प्रार्थी की पुनः रेकी करते हुये दो संदिग्ध व्यक्ति मुख पर गमछा लपेटे हुये दिखाई दिये। प्रार्थी न्यायालय के कार्यों को निपटा कर रायपुर कचेहरी से अपरान्ह लगभग 3.00 बजे बाहर निकल रहा था, तो वही संदिग्ध दोनों व्यक्ति प्रार्थी का पीछा करने लगे, जिन्हें देखकर प्रार्थी भयभीत हो गया और जल्दी-जल्दी अपने रूके हुये स्थान की तरफ जाने के लिए चौराहे की तरफ पहुँचकर साधन का इंतजार कर रहा था, तभी वही दोनों संदिग्ध व्यक्ति बाइक से प्रार्थी के पास आकर पूर्व की भांति प्रार्थी को भद्दी-भद्दी गालियाँ देने लेगे और मेरे पीठ पर पिस्टल जैसा कोई हथियार सटाकर जान से मार देने की धमकी देने लगे कि तुम अभी तक रायपुर आना नहीं छोड़े। इस पर मैंने किसी तरह उनसे माफी मांगते हुये दुबारा न आने की कसमें खाई, तब जाकर उन लोगों ने इस हिदायत के साथ प्रार्थी को जिन्दा छोड़ा कि अब अगर दुबारा रायपुर किरन गुप्ता के मुकदमे की पैरवी करने के लिए दिखाई पड़े, तो गोली मार दी जायेगी। तुम अभी किरन गुप्ता एवं उनके वकील को जानते नहीं हो, जो गुण्डों के साथ तुम्हारे लखनऊ कार्यालय जाकर तुम्हें उठवा सकती हैं तो तुम्हें यहां मिनटों में निपटा सकती हैं।
इस सम्बन्ध में प्रार्थी अपने रजिस्टर्ड पत्रांक-17, दिनांक 01-07-2025 एवं पत्रांक-28, दिनांक 02-08-2025 (छाया प्रति संलग्न) द्वारा प्रार्थी के साथ घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुये सम्बन्धित के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किये जाने हेतु आप महोदय को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया था, परन्तु अभी तक प्रार्थी के प्रार्थना पत्रो पर कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
करबद्ध प्रार्थना है कि प्रार्थी के साथ उपरोक्तानुसार पुनः घटित घटनाक्रम को दृष्टिगत रखते हुये श्रीमती किरन गुप्ता, संयुक्त पंजीयक, पंजीयक सहकारी संस्थायें एवं सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज, (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, वन धन भवन, सेक्टर-24, नवा रायपुर, अटल नगर, जनपद-रायपुर (छत्तीसगढ़) एवं रायपुर कचेहरी में प्रेक्टिसरत उनके वकील के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु सम्बन्धित क्षेत्र के थाना प्रभारी को आदेशित करने की कृपा करें, ताकि प्रार्थी के जान-माल की सुरक्षा संभव हो सके और प्रार्थी द्वारा अपने सभी मुकदमों की पैरवी किया जाना सम्भव हो सके।


परन्तु कोई भी समझौता न होने की स्थिति में हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा-9 के तहत वाद संस्थित किया। इस वाद में दिनांक 28-6-2025 को मध्यस्थता केन्द्र में सुलह-समझौता के दौरान श्रीमती किरन गुप्ता ने लिखित रूप से प्रार्थी की विधिक पत्नी होने से इंकार किया है और इसी आधार पर वर्ष 2023 में प्रार्थी के विरूद्ध धारा-506 भा०८० सं० के अन्तर्गत थाना राखी, जिला-रायपुर (छत्तीसगढ़) में प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि शादी होने एवं शादी के समय किये गये वैवाहिक अनुबन्ध की शर्तों को मानने से श्रीमती किरन गुप्ता ने स्पष्टतया इंकार किया है। ऐसी स्थिति में श्रीमती किरन गुप्ता ने वैवाहिक अनुबन्ध का उल्लंघन करने सहित अपनी शादी को विधिक शादी मानने से इंकार कर प्रार्थी के साथ स्पष्टतया विश्वासघात एवं धोखाधड़ी किया है, जो अक्षम्य आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।

इस प्रकार श्रीमती किरन गुप्ता के शातिराना दिमाग एवं उसके कुटिल चाल में फंसने की वजह से प्रार्थी की सामाजिक स्तर पर बहुत ही किरकिरी हुई है और प्रार्थी की इस दौरान दस लाख रूपये से भी अधिक की आर्थिक क्षति कारित किया है। ऐसी स्थिति में श्रीमती किरन गुप्ता को प्रार्थी द्वारा प्रदत्त सोने-चाँदी के आभूषणों को अपने पास रखने का कोई अधिकार नहीं है। स्पष्टतया श्रीमती किरन गुप्ता द्वारा शादी के नाम पर प्रार्थी के साथ छल, कपट, विश्वासघात एवं धोखाधड़ी कर आर्थिक क्षति पहुँचाने सहित प्रार्थी द्वारा प्रदत्त सोने-चाँदी के आभूषणों को हड़पने सहित अनेकों गम्भीर आपराधिक कृत्य कारित किया है।
इस सम्बन्ध में श्रीमान् थाना प्रभारी महोदय, थाना कटोरा तालाब, जिला-रायपुर को दिनांक 21-11-2025 को प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु एक प्रार्थना दिया गया, जिसके साथ साक्ष्य स्वरूप विवाह प्रमाण पत्र, अनुबन्ध एवं शादी से सम्बन्धित कतिपय फोटो की प्रतियाँ आदि साथ में संलग्न किया गया, परन्तु प्रार्थी की प्राथमिकी अभी तक दर्ज नहीं की गयी।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि उपरोक्तानुसार उल्लिखित तथ्यों, कृत्यों एवं थाना कटोरा तालाब क्षेत्र में घटित घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुये श्रीमती किरन गुप्ता पुत्री स्व० नरसिंह प्रसाद गुप्ता, संयुक्त पंजीयक, पंजीयक सहकारी संस्थायें एवं सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, वनधन भवन, सेक्टर-24, नवा रायपुर, अटल नगर, जिला-रायपुर (छत्तीसगढ़) के विरूद्ध छल, कपट, विश्वासघात, धोखाधड़ी सहित प्रार्थी द्वारा प्रदत्त सोने चाँदी के आभूषणों को हड़पने एवं सामाजिक स्तर पर अपमानित किये जाने सम्बन्धित सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु सम्बन्धित को आदेशित करने की मांग किया है।
यह प्रकाशन श्री ओमप्रकाश गुप्ता के द्वारा बताये गये व उनके सहमती के पश्चात दिये गये आवेदन के आधार पर प्रकाशन किया जा रहा है।
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सचिव के पद पर जब से छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में पदस्थ है तब से,वन धन भवन को अपनी चपेट में ले लिया है, वन विभाग से पृथक कर पुरा के पुरा सहकारिता विभाग बना दिया है, वन विभाग के मंत्री व आलाधिकारी का येसी क्या मजबूरी है जो हजारों शिकायत होने के बाद भी उन्हें लघु वनोपज संघ कार्यालय में बिठाये हुए हैं, शासन प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

