धरमजयगढ़ के छाल वन परिक्षेत्र , एडू बैरियर में बैरियर प्रभारी द्वारा बैरियर रजिस्टर को फाड़कर रातों रात पन्ना बदल दिया गया।
रायपुर / धरमजयगढ़ वन मंडल के वनोपज जांच नाका एडू में बैरियर प्रभारी और दैनिक वेतनभोगी ने कर दिया कमाल, वन विभाग के तरफ से इन लोगों को गोल्ड मेडल दिया जाना चाहिए। संदेह हो रहा है कि न जाने किसके कहने या किस लिए बैरियर प्रभारी और दैनिक वेतनभोगी ने रातों रात्रि बैरियर रजिस्टर (पन्ना)ही बदल दिया।
दरअसल मामला यह है कि धरमजयगढ़ वन मंडल के अंतर्गत काष्ठागार डिपो में 06 नग सागौन का टीपी काटा गया था डिपो प्रभारी के द्वारा किन्तु वही टीपी राह चलते 06 नग से 08 नग हो गया,बड़ा गजब का खेला चला है !

छाल वन परिक्षेत्र के एडू वनोपज जांच नाका में 08 नग एन्ट्री किया गया था लेकिन बैरियर प्रभारी और बैरियर में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी के द्वारा रजिस्टर ही बदल दिया गया है,बड़ा गजब का खेला चल रहा है। लैलूंगा उप वन मंडलाधिकारी के समक्ष बैरियर प्रभारी नंद जी उपाध्याय डिप्टी रेंजर ने स्वयं स्वीकार किया की बैरियर रजिस्टर से छेड़छाड़ हुआ है। अब चिंता का विषय ये है कि किसके कहने पे रजिस्टर बदला गया है क्यों बदला गया है कारण क्या है, रजिस्टर को बदलने वाले महारत हासिल करने वाला तेजस्वी डनसेना दैनिक श्रमिक है बैरियर प्रभारी नंद जी उपाध्याय वनपाल बहुत खुश है कि मैं बंच गया अब भालूनारा बैरियर वाले फसेंगे करके!
भालूनारा वनोपज जांच नाका प्रभारी ने जो था स्पष्ट किया है कि टीपी क्रमांक 96/82 के माध्यम से वाहन क्रमांक JH07-M-3462 के माध्यम से 08नग सागौन 0.944 घ.मी.लकड़ी आया है जिसका गाड़ी चेंकिंग कर रजिस्टर में विधिवत इंद्राज किया गया है।

एडू बैरियर के प्रभारी वनपाल नंद जी उपाध्याय वनपाल का काला कारनामा सामने आया है,उन्होने रजिस्टर फाड़कर दुसरा पन्ना लगा दिया और रजिस्टर में पुराना पन्ना गायब करवा दिया। वो तो अच्छा है कि रजिस्टर फाड़ने,बदलने के पहले ही जानकारी मिल गया, और कापी मिल गया है जो मूल रूप से रजिस्ट्रर में इंद्राज किया गया था।
नंद जी उपाध्याय वनपाल बैरियर प्रभारी ने क्यों येसा किया किस लिये किया क्या लेकर किया जांच का विषय है, सबसे पहले तो शासकीय दस्तावेजों के सांथ छेड़छाड़ के मामले में नंदजी उपाध्याय वनपाल के खिलाफ एफआईआर करके 420 का मामला दर्ज कराया जाये,जिन्होने कुटरचित ढंग से दस्तावेज तैयार किया है।
वहीं काष्ठागार अधिकारी जिनका टीपी में हस्ताक्षर है उनके खिलाफ तथा टीपी काटने वाले वफादार के खिलाफ भी 420 का मामला दर्ज किया जाये। क्योंकि टीपी का तीन पर्त होता है लेकिन टीपी चार पर्त में बन गया, जो भालुनारा बैरियर में एन्ट्री हुआ है संदेह के दायरें में है।
शासकीय दस्तावेजों के सांथ छेड़छाड़ किया है न जाने कितनों लकड़ी का तस्तकर करके शासन के संपत्ति को क्षति पहुंचाया होगा, कितने लकड़ी को येसा पार कर दिया होगा?

वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ दोषियों पर नकेल कसने के बजाय,दण्ड देने के बजाय पदोन्नत कर रहे हैं। वैसे लोगों को उंचे सिंहासन पर बिठा रहे है ताकि उच्च कार्यालय में बैठकर वर्तमान को कृत्य और कारनामा किये हो उनसे और बड़ा कारनामा और शासन को चुना लगा सकों इस उद्देश्य के काष्ठागार डिपों से हटाकर उप वन मंडल कार्यालय में कार्यालय सहायक बना दिया गया है।
धरमजयगढ़ में प्रचलन चला आ रहा है , आरोपियों को संरक्षण देना , बंचाना है, और उसे पुन: भ्रष्टाचार करने के लिए छुट देना!
क्योंकि पूर्व में येसा घटना घट चुका है, जब काष्ठागार डिपों में निलामी के लिए निविदा फार्म खोला जा रहा था उसी समय उत्पादन ईकाई कार्यालय में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कम्प्युटर आपरेटर ने अपने जेब से निकालकर चुपके से निविदा फार्म जमा कर रहा था जिसे रंगे हांथों पकड़ लिया गया, जिसका मिडीया वालों ने विडियो बनाया था और पेपर में प्रकाशन भी हुआ था, जिसके संबंध में लिखित शिकायत भी दर्ज किया था ! न जांच कमेटी बनाया, न जांच कमेटी ने रिपोर्ट दिया और उसे उप वन मंडलाधिकारी ने रातों रात बिना जांच के प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया है, यहां तक शिकायतकर्ता को सूचना भी नही दिया हैं और आरोपी को बंचा दिया गया।
उसी राह में चलते हुए वर्तमान वन मंडलाधिकारी भी ऐसा ही कर रहा है क्योकि धरमजयगढ़ वन मंडल में लिपीक लोगों का बोल बाला है, लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ रहने के कारण सारे लोगों को जान रहे हैं क्योंकि कमिशन का खेल जोरो पर है। ऐसे – ऐसे जांच कर्ता अधिकारी भी है जो मामला के कफन दफन करने में महारत हासिल किये हुए हैं!

वर्तमान में टीपी से छेड़छाड़ करने वाले अधिकारी, कर्मचारी तथा बैरियर रजिस्टर से छेड़छाड़ करने वाले अधिकारी , कर्मचारी के विरूद्ध 420 का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965-1966 के तहत कार्यवाही किया जाना चाहिए! लेकिन विगत 02-03 माह से जांच प्रक्रिया को लटकाए हुए है,जांचकर्ता अधिकारी को भलीभांति मालूम हो चुका है कि,रजिस्टर में छेड़छाड़ हुआ है! टीपी काटने में फोरजरी हुआ है, डिपों में जो टीपी एन्ट्री हुआ है, वनोपज में का टीपी का एन्ट्री, एडू बैरियर में टीपी का एन्ट्री, भालुनारा बैरियर में टीपी का एन्ट्री बहुत अंतर है।

धरमजयगढ़ वन मंडल में कुछ बाबु लोगों के काले कारनामें और फर्जी नियमितीकरण के बारे में कापू वन परिक्षेत्र में पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर,और लैलूंगा में कार्यरत वाहन चालक ने लगातार धरमजयगढ़ वन मंडल के कारनामें के बारे में जानकारी बाहर वायरल किया था। चाहे अशोक यादव सहायक ग्रेड 03 को कापू से हटवाने की मामला हो, या विनय कम्प्युटर आपरेटर को कापू से हटवाने की मामला हो या धरमजयगढ़ वन मंडल में जितने भी बाबु , का फर्जी नियमितीकरण हुआ है उसकी मामला हो ! उक्त मामला को कापू में कार्यरत कम्प्युटर आपरेटर, लैलूंगा में कार्यरत वाहन चालक के द्वारा गोपनीयता भंग किया गया था।

