बागबाहरा भानपुर में विकास खण्ड स्तरीय माडल ईंग्लीस मीडियम स्कुल में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई की रफ्तार हुई धीमा
रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने एक दशक पूर्व प्रत्येक विधानसभा में एक ईंग्लीस मीडियम माडल स्कुल खोला गया था, जहां पर बच्चों को ईंग्लीस मीडियम से पढ़ाई कराई जा सकें।
सरकार की सोंच बहुत ही सुंदर रहा ईंग्लीस मीडियम स्कुल में गरिब बच्चे भी आसानी से पढ़ाई कर सके,इस उद्देश्य के सांथ स्कुल खोला गया है। लेकिन बच्चों की पढ़ाई स्तरहिन हो चुका है, हिन्दी मिडीयम के शिक्षकों के द्वारा ईंग्लीस मिडीयम स्कुलों में बच्चो को पढ़ाना टफ हो गया है जिसके कारण से शिक्षक मोबाईल के सहारा लेकर बच्चों को पढ़ाने में विवस है।
जो पढ़ाई क्लास में शिक्षकों के द्वारा होना चाहिए वो मोबाईल एप्स के माध्यम से हो रहा है, हर बच्चे इतना समझदार या होसियार नही है जो केवल मोबाईल देकर समझ सकें, उनको प्रेक्टिकली ज्ञान जरूरी है जो क्लास में केवल शिक्षकों के द्वारा ही प्राप्त हो सकता है।
नजदीक में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय है समय समय पर औचक निरीक्षण करना चाहिए लेकिन नही किया जाता है, ईग्लीस मीडियम माडल स्कुलों का जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा कम से कम तीन माह में एक बार निरीक्षण करना चाहिए, जिससे स्कुलों की पढ़ाई की स्तर का पता चल सकें और शिक्षकों की कमी की जानकारी भी मिल सकें।
प्राचार्य ने बताया की बागबाहरा भानपुर ईंग्लीस मीडियम, मिडील स्कुल में शिक्षकों की भारी कमी है जिसके कारण कक्षा 06 से 08 तक के बच्चों को बढ़ाई कराने में विषमपरिस्थितियों का सामना करना पढ़ रहा है। शासन प्रशासन गंभीरता से लेते हुए तत्काल ईंग्लीस मीडियम की उपलब्ध कराये ताकी बच्चों की पढाई अच्छी से हो सकें और बागबाहरा भानपुर ईंग्लीस मिडीयम स्कुल का नाम रौशन हो सके।

भानपुर ईंग्लीस मिडीयम ,मिडील स्कुल में अंग्रेजी शिक्षकों की है कमी, जल्द करें व्यवस्था
संचार क्रांति न्यूज की टीम जब भानपुर में शासन द्वारा संचालित ईंग्लीस मिडीयम मिडील स्कुल में पढ़ाई की स्तर जानने के पहुंचा तब पता चला की वहां पर ईंग्लीस का टीचर ही नही हैं, टिचर का शिक्षकों के द्वारा बताया गया की कोर्स को हि हमें समझने दिक्कते हो रहा है !
अब शासन और प्रशासन जवाब दें, जब कोर्स को समझने के लिए टिचर और शिक्षकों को परेशानी हो रही है तो,बच्चों क्या हाल होगा। भानपुर स्कुल के बच्चे भगवान भरोसे है,मोबाईल से प्रश्न उत्तरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है, बच्चे जब स्कुल में गुरू से ही ग्यान अर्जित नही कर पा रहे है तो बाकी का छोड़िए,अब धिरे धिरे गुरू का दर्जा ही खत्म हो जायेगा।

गुरू बिन ज्ञान नहीं ,नही रे ….जब गुरू ही अपने समय को बंचाने के लिए बच्चों को मोबाईल का लथ लगा दे तो उनका भविष्य का क्या होगा। ईंग्लीस मिडीय स्कुल में बच्चे टायलेंट के सांथ ईंग्लीस न बोल पाये तो यहां पर शिक्षकों के दक्षता पर सवाल खड़ा होता है, सामने पेपर है सुविधाएं के लिए शिक्षक, शिक्षिकाऐं शहर के समीप के स्कुलों में आ जाते है लेकिन बच्चों को अच्चे से शिक्षा नही दे पाते पढ़ाने में असफल नजर आते हैं। शिक्षक पवन ठाकुर के द्वारा साईंस की क्लास लिया जाता है लेकिन उनके दक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहा है,पढ़ाई ठीक से नही कराता है जब शिक्षक ही दक्ष नही रहेंगें तो बच्चों का क्या हाल होगा!

अब देखना यह है कि क्या भानपुर ईंग्लीस मिडीयम स्कुल की स्थिति सुधर पायेगी या जैसा हाल है वैसा परिणाम भी देखने को मिलेगा।
शासन प्रशासन जल्द ही भानपुर ईंग्लीस मिडीयम स्कुल के लिए शिक्षकों की करें व्यवस्था , जो अयोग्य शिक्षक है उसे तत्काल भानपुर स्कुल से हटाकर अन्यत्र स्थान में स्थानान्तरण करें और तेज तर्रार योग्य शिक्षकों की समुचित ढंग से व्यवस्था करें ताकी माडल स्कुल का नाम रौशन हो सकें!


