वन विकास निगम में हो रहा है मनमानी, कोडार काष्ठागार और आरंग रेंज के अधिकारियों के द्वारा दिया जा रहा है संरक्षण, मंडल प्रबंधक के आदेशों का अवहेलना
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम परियोजना मंडल के अंतर्गत कोडार काष्ठागार में कार्यरत रिकॉर्डर/ग्रेडर जनक लाल साहु के खिलाफ बारनवापारा परियोजना मंडल के कुछ अधिकारी, कर्मचारी,डिपो सुरक्षा श्रमिक एवं श्रमिकों के द्वारा शिकायत दर्ज कराया गया था। जिसके आधार पर मंडल प्रबंधक बारनवापारा परियोजना मंडल के द्वारा जांच समिति गठित कर उक्त शिकायत का जांच कराया गया था, शिकायत के आधार पर जांचकर्ता अधिकारी ने प्रतिवेदन बनाकर मंडल प्रबंधक बार नवापारा परियोजना मंडल को सौंपा ! जिसके आधार पर मंडल प्रबंधक ने अपने आदेश क्रमांक व.वि.नि./स्था./2022/6082 दिनांक 03.02.2022 के द्वारा आदेश जारी किया था जिसमें लेख है कि ग्रेडर के खिलाफ परियोजना मंडल के कुछ अधिकारी, कर्मचारी, डिपो सुरक्षा श्रमिक,एवं श्रमिकों (हेमाल) द्वारा शिकायत किये गये प्रतिवेदन के निवारण हेतू जांच समिति बनाई,जांच समिति के निष्कर्ष को पढ़ने के उपरांत यह ज्ञात होता है कि डिपो में कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों से उनका व्यवहार अभद्र एवं अशोभनीय है, जो कि बारनवापारा परियोजना मंडल की छबि को धुमिल करता है।
अत:यह निर्णय लिया जाता है कि श्री जनक लाल साहु रिकार्डर/ग्रेडर कोडार काष्ठागार को उनके सभी कार्यो से पृथक करते हुए बारनवापारा परियोजना मंडल रायपुर से उनकी सेवा समाप्त की जाती है।
इस प्रकार तत्कालीन मंडल प्रबंधक बारनवापारा श्री शशि कुमार भारत वन सेवा ने आदेश जारी किया था, इस आदेश को अनदेखा करते हुए कोडार काष्ठागार अधिकारी एवं आरंग परिक्षेत्र अधिकारी ने मनमानी पूर्वक ग्रेडर को पुन: कार्य पर रखकर वेतन भुगतान कर रहा हैं। क्या किये गये वेतन की भुगतान की राशि को कोडार काष्ठागार अधिकारी तथा आरंग परिक्षेत्र के परियोजना अधिकारी (रेंजर) से वसुली किया जायेगा ।

उप वन मंडल प्रबंधक बारनवापारा परियोजना मंडल शिकायत की जांच स्वयं की थी और कार्य से पृथक किये जाने की अनुशंसा भी कि थी। लेकिन आज वही उप वन मंडल प्रबंधक जिसे कार्य से पृथक कर दिया गया है उसे वेतन भुगतान कर रही है ,वन विकास निगम भगवान भरोसे ही चल रहा हैं,न जाने आगे क्या क्या होगा, क्या पूर्व में जारी किये हुए आदेश स्टैंड रहेगा या मंडल प्रबंधक पुन: रखे जाने के लिए आदेश पारित करेगा।
वन विकास निगम में नियम विरूद्ध खेला जारी है और यह खेला कब तक चलेगा समझ से परे हैं ।

