वन विभाग की लापरवाही को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) बलौदाबाजार जिला के नेताओं ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन,
चोरी का इल्जाम लगाकर चार कर्मचारियों को किया काम से बेदखल
रायपुर / छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला के अंतर्गत कसडोल ब्लॉक के सोनाखान परिक्षेत्र कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सांथ उप वन मंडलाधिकारी अनिल वर्मा ने प्रताड़ित कर कार्य से कर दिया है बेदखल!
दरअसल मामला यह है कि कसडोल स्थित बंगला में दिनांक 25,01, 2026 को वन विभाग के एसडीओ अनिल वर्मा, गुलशन साहू, रेंजर दीपक कुमार कौशिक, नवीन वर्मा , मुकेश कश्यप , डब्बू साहू एवं कम्प्युटर आपरेटर दिनेश कुमार वैष्णव के द्वारा शाम 07:00 बजे से लेकर रात्रि 1: 30 बजे तक बाजा गाजा के खुब शराब पीकर पार्टी मनाया गया ! यह छत्तीसगढ़ के ऐसे स्वाभिमानी अधिकारी है जिन्होने वर्दीधारण करते समय संविधान की रक्षा, देश की रक्षा तथा वनों की,वन्य प्राणियों की रक्षा करने का शपथ लिया था, लेकिन यही वर्दीधारी अपनी स्वाभीमान को तो नही बंचा पाये तो नही बंचा पाये किन्तु भारत माता की और तिरंगे, गणतंत्र दिवस की स्वाभीमान को बंचाये रहते!
दिनांक 25 जनवरी 2026 को रात्री के 01:30 बजे तक खुब शराब का सेवन कर नाच गान करते रहे, इन अधिकारियों को भान तक नही रहा की 01:30 बजे मतलब 26 जनवरी लग चुका था, कैसे शान से इन अधिकारियों ने शराब के नशे में रहकर तिरंगे का सम्मान किया होगा और ध्वजारोहण किया होगा।

पार्टी देने वाले कौन थे और पार्टी मनाने वाले कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी थे जांच का विषय है।
ढे़ड़ बजे रात तक 04 दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को रोककर रखा हुआ था खाना बनवााये खाये पिये, और नशे में ध्रूत रहने वाले कसडोल एसडीओ ने सोने की चैन चोरी का आरोप दैनिक वेतनभोगी के उपर लगाकर कार्य से पृथक कर दिया है।

अगर चैन की चोरी हुआ है तो पुलिस थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराना था किन्तु वह अधिकारी रिपोर्ट दर्ज न कराकर बैगा व ज्योतिषी के आगे पिछे भाग रहे है और धन्य है वह ज्योतिषी,और बैध जो सोने की चोरी वही लड़के के उपर लगा रहे है इल्जाम!

अगर ज्योतिषी की बात प्रमाणित कर रही तो उस अधिकारी को दमखम के साांथ करना चाहिये थाना में रिपोर्ट और बना ले ज्योतिषी को अपनी सरकारी गवाह!
शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए 26 जनवरी 2026 को शराब पिलाकर खुब पार्टी मनाया गया है जब चैन गुम हो गया तो आरोप दैनिक वेतनभोगी के उपर लगा दिया जाना कदापी उचित नही है।
ईमानदारी का चोला ओढ़ने वाले वर्दीधारियों ने 12 से 15 वर्षों से अधिक सेवा करने वाले दैनिक श्रमिकों को कार्य से पृथक कर दिया गया है।
प्रताड़ित दैनिक श्रमिक मनोज यादव, राजेश सेन, सुबह लाल प्रधान, अर्जुन पैकरा, अनंत कुमार यादव, जो कि खाना बनाने एवं पार्टी करने की तैयारी में लगे थे जिसे केवल मात्र शक के आधार पर चोरी का इल्जाम लगाते हुए दबाव पूर्वक बिना लिखित में सूचना दिए कार्य से पृथक कर दिये हैं।
विधिवत चैन घूमने की सूचना थाने में भी नहीं दिया जाना था ताकी तहकीकात होती कर्मचारियों से पूछताछ होती लेकिन इस प्रकार की कोई कार्यवाही ही नही किया और काम बंद कर दिया गया है!
पार्टी का मुख्य किरदार निभाने वाले कम्प्युटर आपरेटर दिनेश कुमार वैष्णव है जिन्होने अधिकारियों के सांथ बैठकर पीया खाया है,और व्यवस्थापक भी रहा हैं, यही दिनेश कुमार वैष्णव को कम्प्यूटर आपरेटर को वन रक्षक के वन कर्मचारी संघ हटाने का मांग रखा था यह कम्प्युटर आपरेटर अपने आप को DFO से कम नही समझता है।

अनील सोनी उप वन मंडलाधिकारी के दमनकारी नीति से दैनिक श्रमिको के जीवन यापन करने में अनेक प्रकार की परेशानियां आ रही हैं।
समस्या को देखते हुए कर्मचारियों ने शिवसेना से मदद की गुहार लगाई और शिवसेना की टिम ने कर्मचारियों के समस्या को देखते हुए शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे के प्रदेश सचिव एवं बलौदा बाजार जिला प्रभारी मनहरण साहू ने कर्मचारियों को वापस काम पर रखने एवं तीन माह का वेतन दिलाने बलौदाबाजार जिला कलेक्टर ओ पी शर्मा जी को उनके परिजनों के साथ ज्ञापन सौंपा है। जिसमें मुख्य रूप से जिला सचिव घनाराम साहू जिला कार्यकारिणी सदस्य कोमल साहू, राजेश सेन, मनोज यादव, सुबे लाल प्रधान, अर्जुन पैकरा, सरस्वती यादव , दुलवरीन प्रधान, प्रेमा सेन, मुकेश साहू, गब्बर आदि लोग उपस्थित रहे। अगर उक्त दैनिक वेतनभोगियों को कार्य पर वापस नही रखा जाता है तो शिवसेना के द्वारा बलौदाबाजार जिला का घेराव किया जायेगा।
कहावत है न :-
उल्टा चोर, कोतवाल को डांटे!

