विकास के नाम पर सकड़े अपनी दम तोड़ रही है जनता त्रस्त है,विधायक,मंत्री मस्त है ,क्षेत्र की जनता पुछ रही है कब होगा विकास
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला में विकास की गंगा बह रही है सड़के दम तोड़ रही है आम जनता त्रस्त है विधायक, मंत्री मस्त है ।
दरअसल मामला झलप रोड़ से बागबाहरा रोड की है जहां पर नही चाहते हुए भी आम जनता चलने को मजबुर है!
“कागज में दम तोड़ता है विकास” (या कागजों में विकास का दम टूटना) एक ऐसा मुहावरा है जो सरकारी योजनाओं के कागजों तक ही सीमित रहने और हकीकत में आम जनता तक न पहुंचने की स्थिति को दर्शाता है। यह अक्सर भ्रष्टाचार, अधिकारियों की लापरवाही और फंड के दुरुपयोग के कारण होता है।
जैसे वर्तमान हालत झलप से बागबाहरा रोड की है,विगत 05 वर्षों इस रोड पर विकास की गंगा बह रही है, न विधायक को चिंता है न मंत्री को चिंता और ना हि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को चिंता है!
विकास की इस गंगा में भले ही रोज डुबकी लगा रहे है , और वर्तमान सरकार विकास की बाते करते थकते नही है।
यदि आप अपने क्षेत्र या राज्य में ऐसी किसी समस्या (जैसे—सड़क, पानी, आवास या शौचालय न पहुँचना) से जूझ रहे हैं और इसकी तत्काल शिकायत दर्ज कराये,
छत्तीसगढ़ संपर्क: राज्य स्तर पर किसी भी सरकारी योजना या समस्या की शिकायत के लिए छत्तीसगढ़ जन शिकायत निवारण पोर्टल का उपयोग करें। क्योंकि विकास केवल कहने मात्र का है पृष्टभूमि पर कुछ और दिख रहा है।
शिकायत: केंद्र सरकार की योजनाओं में अनियमितता के लिए सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) पर जितना ज्यादा हो सके अपनी शिकायत दर्ज कराऐं!
आरटीआई (RTI):- विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए पैसों और टेंडर की जानकारी निकालने के लिए आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सीधे सवाल पूछें। ग्रामीण इलाकों में अक्सर योजनाओं के सिर्फ कागजों पर चलने और धरातल पर स्थिति खराब है।
क्षेत्र की जनता भी राजनीतिक दबाव व भय के कारण शिकायत करने से डरते है, जिसके कारण झलप से बागबाहरा रोड का वास्तुस्थिति देखने को मिल रहा है, आम जनता विवश है उ रोड पर चलने के लिए!
विकास की रथ को आकाश में चलाना बंद करें और धरातल पर फोकस करें तभी विकास संभव है नही तो मंचों में अखबारों, में विकास का गंगा बहाने से कोई मतलब नही है।
मतलब यह है कि तत्काल झलप से बादबाहरा रोड़ को सुधारा जाये मरम्मत कार्य कराया जाये, छिलपाव के पास पुरा कुआ बन चुका है,वही पचरी के पास भी रोड की हालत विगत 05 वर्षो से खराब है जिसे कोई जन प्रतिनिधि सुध नही ले रहा है।
डामरीकरण रोड के खुदाई करने पर किसानों के उपर तत्काल कार्यवाही की जायें!
बागबाहरा से झलप मार्ग पर किसान अपने निजी स्वार्थ को पुरा करने के लिए डामरीकरण को खुदाई कर दिये है,और जिर्णशिर्ण हालात में पड़े हुए है, कई दुर्घटना घट चुका है पूर्व में भी प्रकाशन किया गया था किन्तु कोई कार्यवाही नही किया गया है।
नरतोरा के पास किया गया है खुदाई वही दारगांव मोड़ और सिर्री के मध्य खुदाई कर दिया गया है!
नरतोरा के पास रोड़ को खुदाई किया है बरसात के कारण बाईक सवार समझ नही पाये और जबरदस्त पति पत्नि बाईक से उछलकर गिर पड़ा।
- कलेक्टर महासमुंद उक्त मामले को संज्ञान में लेकर उक्त किसानों के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही करें। बिना परमिशन के रोड़ की खुदाई नही किया जा सकता किन्तु स्वार्थी किसान अपने निजी स्वार्थ के कारण बड़ी मसक्कत से बने रोड़ को एक घंटा में खुदाई करके छोड़ देता है जिससे आम पब्लिक को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


