बागबाहरा नगर में तुलसी जयंती के शुभ अवसर पर दुर्गा मंदिर में मानस गान प्रतियोगिता का आयोजन
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला नगर बागबाहरा में प्रत्येक वर्ष तुलसी जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है, तुलसी जयंत के पावन पर्व में दो दिवसीय रामायण कथा का आयोजन किया जाता है। इस मानस गान में छत्तीसगढ़ के दुर दुर विभिन्न जिलों से रामायण पार्टी अपने व्याख्यान व मधुर गीत संगीत प्रस्तुत कर श्रोता समाज को कीर्तार्थ करते हैं।
दो दिनो तक बागबाहरा नगर भक्तीमय के रंग से सराबोर हो जाता है मन पुलकित व आनंदित हो उठता है,संत समागम का दर्शन होता है।
तुलसी जयंती की जय :-
गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रावण शुक्ल सप्तमी को मनाई जाती है। इसी दिन उन्होंने रामचरितमानस की रचना शुरू की थी। इसीलिए इस दिन “रामायण मानस गान” का विशेष महत्व है।
तुलसी जयंती 2026
इस बार श्रावण शुक्ल सप्तमी लगभग अगस्त के अंत में पड़ेगी। घर में मानस पाठ और गान करके इस दिन को मनाते हैं।
तुलसी जयंती पर गाए जाने वाले प्रमुख रामायण मानस गान
मंगलाचरण से शुरुआत :-
श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥
इससे पाठ का शुभारंभ होता है।
सबसे प्रिय चौपाईयाँ :-
राम नाम की महिमा :-
कलियुग केवल नाम अधारा। सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा॥
हनुमान चालीसा – हर तुलसी जयंती पर सामूहिक गान होता ही है
राम राज्य की चौपाई:-
दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥
भजन / गान के रूप में :–
“रामचरितमानस के दोहे” को राग में गाना
“सियावर रामचंद्र की जय” कीर्तन
“तुलसीदास चरित” पर आधारित भजन
घर पर कैसे करें मानस गान
1. सुबह स्नान के बाद,तुलसी जी और प्रभु राम की पूजा
2. सामूहिक अखंड पाठ, या 1 घंटा सुंदरकांड का गान
3. दोहा-चौपाई पर चर्चा – तुलसी जी ने जो सीख दी उसे जीवन में उतारना
4. अंत में आरती और प्रसाद
तुलसी बाबा कहते हैं –
“सिया राम मय सब जग जानी।
करहुं प्रणाम जोरि जुग पानी॥”

