महासमुंद जिला के ग्राम सरेकेल (झलप)में हो रहा विगत 50 वर्षो से रामलीला का मंचन
रायपुर /छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के अंतर्गत ग्राम सरेकेल में विगत 50 वर्षों रामलीला का मंचन होते हुए आ रहा है। यह ग्राम सरेकेल एक येसा गांव है जहां पर लंबे समय से रामलीला,नाटक,हास्य प्रहसन,नल दैयमंती, आल्हा उदल,रेवा परेवा, हरिशचंद्र,मौरध्वज,
महाभारत जैसे कथा का मंचन करते हुए आ रहे हैं। आस पास के क्षेत्र वाले रामलीला देखने के लिये सरेकेल पहुंचते थे!

सरेकेल में रामलीला व नाटक,हास्य प्रहसन नाचा गम्मत में जान फूंकने वाले :-
नारायण सिंह ठाकुर, प्रीतराम सिन्हा, स्व.परसराम मिर्धा, आनंदराम मिर्धा, आनंदीराम मिर्धा, शंभुलाल बघेल, राजकुमार निषाद, रामकुमार निषाद, गोपीचंद पटेल, भूषण साहु,रामकुमार सिन्हा,
नाटक व हास्य प्रहशन व नाचा में भूमिका निभाई है :- नारायण ध्रूव, प्रीतराम सिन्हा, स्व.बेदराम पटेल,स्व.महेश राम बरिहा,अवधराम साहु, गोपीचंद पटेल, भूषण साहु, आनंदराम बरिहा,रघुनाथ पटेल, पिरीतराम साहु (बुची)


ढ़ोला मारू व आल्हा उदल नाचा से गांव काे पहचान देने वाले :- नारायण सिंह ठाकुर, प्रीतराम सिन्हा, आनंदी राम मिर्धा, झंगलु राम ध्रूव,स्व.सालिक राम यादव, नोहर सिंह साहु, रामरतन साहु, रामेश्वर साहु,उत्तम दास वैष्णव,पतिराम मिर्धा, छबीराम बरिहा

छत्तीसगढ़ में गांड़ा बाजा साजसज्जा के नाम से अपनी पहचान छोड़ने वाले दुरदर्शन चैनल में नाम कमाने वाले :-
शंभू लाल बघेल, स्व.डमरू लाल बघेल, स्व.करिया बॆस्व.मुरोली बघेल, धुरोली बघेल, स्व.कन्हैया लाल बघेल, सालिक राम बघेल, सुकालु राम बघेल, सुरोली बघेल,शंकर लाल बघेल

इस अमानत को संजोये हुए :- नारायण सिंह ठाकुर,राजकुमार निषाद,रामकुमार निषाद, मनोज कुमार निषाद, तिरीथ राम ध्रूव,भूवन साहु, चिंतादास वैष्णव, हलधर पटेल,मोहनदास वैष्णव,बलदेव साहु,दिनेश साहु, शत्रुहन साहु,रूपचंद पटेल,छगन मिर्धा,संजय मिर्धा, भानु बरिहा रघुनाथ पटेल

धुमधाम से मनाया दशहरा
प्रतिवर्ष की भाति इस वर्ष भी बड़े ही धुमधाम सेे मनाया गया दशहरा,पुरे गांव में हर्षोल्लास का माहोल था, विजयदशमी के पावन अवसर पर पुरे गांव में भंडारा कर प्रसादी वितरण किया गया। इस वर्ष में भी पूर्व वर्ष की भांति रामलीला में अपनी अदा करने वाले राम मनोज कुमार निषाद, लक्ष्मण मोहनदास वैष्णव, हनुमान राजकुमार निषाद,रावण हलधर पटेल, अंगद तिरीथ राम ध्रूव (खुड्डु) मेंघनाथ भूवन साहु (सरपंच पति) अहिरावण चिंतादास वैष्णव लोगों ने बहुत ही सुंदर ढंग से भूमिका निभाते हुए आ रहे है! युवाओं में जोस और उत्साह देखने को मिला!


