दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फैडरेशन के प्रदेश संयोजक ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हितों में श्रमायुक्त को लिखा था पत्र,
रायपुर / छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फैडरेशन के प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा ने राज्यपाल को लिखा था पत्र जिसके आधार पर श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ नया रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के आवेदन पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु पत्र जारी किया गया है। यह पत्र समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में जारी किया गया है, जिसमें दैनिक वेतनभोगी, वाहन चालक, कम्प्युटर आपरेटर, कार्यालय सहायक, डाटा एन्ट्री आपरेटर, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक सामिल हैं।
पत्र में उल्लेखित महत्वपूर्ण बिंदु
(1) नियमितीकरण संबंधी मांग दिनांक 05.03.2008 से पूर्व से 31.12.2017 तक कार्यरत समस्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, दैनिक श्रमिक, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, कार्यालय सहायक, डाटा एन्ट्री आपरेटर, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक आदि, चाहे नियुक्ति पत्र वाला हो या बिना नियुक्ति पत्र वाला, जिनकी 10 वर्ष की सेवा पूर्ण हो चुकी है, उन्हें नियमित किया जाए।
(2) स्थायीकरण संबंधी मांग दिनांक 31.12.2017 के बाद कार्यरत समस्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, दैनिक श्रमिक, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, कार्यालय सहायक, डाटा एन्ट्री आपरेटर, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक जिन्होंने 02 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुकी है, उन्हें स्थायीकर्मी बनाकर नियुक्ति आदेश जारी किया जाए।


समस्त विभागों में दैनिक वेतनभोगी विगत कई वर्षों से लगातार कार्य कर रहे है, तो भी उसकी सेवा अवधि को नियमित नही किया गया है जिसके कारण फैडरेशन के प्रदेश संयोजक ने सबके हितों को ध्यान में रखते हुए न्याय दिलाने के उद्देश्य से कदम बढ़ाया है ! नियमितीकरण/स्थायीकरण की मांग को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के समक्ष रखा गया है। सचिव श्रम विभाग के पास भी रखा गया था जिसके कारण उचित कार्यवाही हेतु पत्र जारी किये है! समस्त विभाग के सभी साथी एक्टीव रहे जागरूप रहे,और अपने अपने सेवा संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखें तथा संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए फैडरेशन को मजबुती प्रदान करें।
फैडरेशन से जुड़ने के लिये इन नंबरो पर संपर्क स्थापित करें!
रामकुमार सिन्हा प्रदेश संयोजक-7000371507
विजय पटेल संगठन मंत्री – 9981697118
एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
संगठित रहेंगे – अधिकार पाएंगे।
संघर्ष जारी है – जीत निश्चित है।



