दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हितों में छत्तीसगढ़ सरकार जल्द 04 श्रम सहिंता कानून लागु करें
रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार वन विभाग के सांथ सांथ समस्त विभागों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं दैनिक श्रमिकों के हितों में जल्द 04 श्रम सहिंता कानुन को लागु करें।
छत्तीसगढ़ समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी विगत 15 वर्षों से न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत मूल वेतन वृद्घि को लेकर चिंतित हैं। पूर्व मुख्य मंत्री डां.रमन सिंह के कार्यकाल में 1500 रूपया बढ़ोतरी किया गया था किन्तु किये गये उक्त वेतन बढ़ोतरी को कारखाना वाले व्यापारियों के हितों में फैसला लेते हुए पुन: स्थन कर दिया गया था तब से लोग समझने लगे कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार व्यापारियों की है उधोगपतियों की है! लेकिन यही भाजपा की सरकार पूर्व में नियमितीकरण भी किया था।
भारत के प्रधान मंत्री ने संपूर्ण भारत में एक ही श्रम कानून लागु करने के उद्देश्य से 04 श्रम सहिंता लागु किया है जिसे पुरे भारत के समस्त राज्यों में लागु करना है और अन्य राज्यों लागु भी कर दिया गया है!
छत्तीसगढ़ येसा करने में पिछे रहा है, जबकी छत्तीसगढ़ वर्तमान में भाजपा शासित राज्य है जहां पर कतई विलंब नही करना चाहिए।
प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फैडरेशन एवं प्रान्ताध्यक्ष छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ श्री रामकुमार सिन्हा ने बताया की मजबुत ईरादा रखने वाले प्रतिबद्ध व्यक्ति को वित्त का जिम्मा सौंपा गया है, जल्द ही समस्त शासकीय विभागों, निगम, मंडल, बोर्ड, में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी लोगों के हितों में जल्द ही सकरात्मक निर्णय लेंगे।
प्रतिनिधि मंडल इस ओर लगातार प्रयासरत है ताकी जल्द ही छत्तीसगढ़ में 04 श्रम सहिंता कानून लागु हो,और इसका लाभ सभी को मिले!

