कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी के निधन होने पर उनके आश्रित पिड़ीत परिवार को वन मंडलाधिकारी ने दिया एक लाख का चेक, संगठन का बेहतरीन पहल
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग के अंतर्गत जगदलपुर कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी का निधन होने के पश्चात उनके पत्नि को आज दिनांक 24/ 8/ 2026 को अनुकम्पा अनुदान राशि का एक लाख रूपया का चेक दिया गया।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ पंजीयन क्रमांक 548 लगातार अपने कर्मचारी व श्रमिकों के हित में लगातार संघर्षरत है जिनके परिणाम स्वरूप पिड़ीतों को एक लाख रूपया का अनुकम्पा अनुदान राशि दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ पंजीयन क्रमांक 548 जिला इकाई शाखा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पदाधिकारीयों श्री आशीष खोरा संभाग महामंत्री बस्तर एवं अध्यक्ष कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर , उपाध्यक्ष श्री सूरज सिन्हा, सचिव श्री राजेश श्रीवास्तव, जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बस्तर सुश्री मनीषा कश्यप , महामंत्री श्री लच्छिन्दर नाग एवं अन्य दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की उपस्थिति में संचालक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर श्री एस. नवीन कुमार(भा.व.से.) द्वारा स्वर्गीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी धर्मेंद्र अग्निहोत्री जो की वर्ष 2011 से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत थे जिनकी आकस्मिक मृत्यु दिनांक 5/11 /2025 को हो गई। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार दैनिक वेतन भोगी अनुकंपा अनुदान योजना के तहत उनकी धर्मपत्नी को वन मंडलाधिकारी ने आज अनुकंपा अनुदान की राशि एक लाख रुपए का चेक प्रदान की गई।
बस्तर संभाग के संभाग महामंत्री आशीष खोरा ने बताया की इसका पूरा का पूरा श्रेय छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के हमारे प्रांताध्यक्ष श्री राम कुमार सिन्हा जी को जाता है, जिनके अथक प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है,आज येसी परिस्थितीयों में एक सहारा बन रहा है!
श्री सिन्हा का कार्यशैली कर्मचारी /श्रमिक हितैषी है जो निरंतर अपने पदीय दायित्वों का गंभीरता पूर्वक व दृणतापूर्वक निर्वहन कर रहे है, आज वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी जो अस्तित्व हिन था उसमें जान फूंकने वाले रामकुमार सिन्हा ही है जिनके सकुशल नेतृत्व में यह सब चीज संभव हो पाया है और आगे भी आशा करता हुं कि हमारे दैनिक वेतन भोगियों के पिड़ीत परिवार के सांथ येसे ही मिशाल बनकर खड़े रहे,और सांथ दें।

