सारंगढ़ वन मंडल में जंगल बंदरबाट,मुनारा और CPW तोड़ बनाया गया खेत
रायपुर / छत्तीसगढ़ के नविन जिला सारंगढ़ वन मंडल में धीरे धीरे जंगल खत्म होते जा रहे है उसका सबसे बड़ा जिम्मेदार खुद वन विभाग है!आज जितना संरक्षित है उसका भी और आज जितना कब्जा चल रहा उसका भी, क्योंकि आज जंगल के रक्षक ही भक्षक बन चुके है!

ताजा मामला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के हट्टापाली गांव का है जहां बाकायदा वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया गया रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर से खेत बनाया जा रहा था जिसे वन विभाग की टीम ने पकड़ा और गाड़ियों को 3 महीने से ऊपर बरमकेला डिपो में जप्त रखा था! लेकिन विभाग ने उन्हे राजस्व मामला कहते हुए लेन देन कर मामला कफन दफन कर दिया गया ! सूत्र की माने मोटी रकम के बाद जंगल की जमीन को वन विभाग ने कब्जाधारियों के हवाले छोड़ दिया गया लेकिन विभाग कह रही की कुछ हिस्सा हमारा आता है उसके एवज में मुआवजा ले लिया गया है! जरा सोचिए क्या मुआवजा के नाम पर कुछ जमीन था उसे भी वन विभाग ने लेन देन कर मौखिक बेच दिया गया यह सवाल उठ रहा है अगर नहीं बेचा तो वन विभाग ने अपनी जमीन संरक्षित क्यों नहीं रखा!

एसडीओ अमिता गुप्ता व रेंजर सेवक राम बैगा की जांच संदेह में है! इस पूरे मामले में रेंजर ने जांच प्रतिवेदन बनाया मौका जॉच किया और एसडीओ अमिता गुप्ता को सौंप दिया जब बात मिडिया में आई तो एसडीओ ने अपने बयान में बताया कि कुछ हिस्सा वन विभाग का है!
इस मामले में फिलहाल पूरी खेला रेंजर और एसडीओ दो अधिकारियों ने मिलकर किया है! रेंजर और एसडीओ इस तरह से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे तो जंगल का क्या होगा, अतिक्रमण कारियों का मनोबल बढ़ेगा और कुछ दिन बाद सारंगढ़ विरान नजर आयेगा जब रक्षक ही भक्षक बन जायेगा तो वन विभाग का पतन निश्चित है।


