जनहित में जारी छत्तीसगढ़ शासन मतस्य पालन विभाग का स्पष्ट निर्देश,बरसात के समय मछली पकड़ने पर लगा प्रतिबंध
रायपुर / छत्तीसगढ़ मतस्य पालन विभाग का सख्त निर्देश बरसात के समय मछली पकड़ने पर लगा दिया जाता है प्रतिबंध, दरअसल मामला यह है कि बरसात के मौसम में मछली पकड़ने पर इसलिए प्रतिबंध लगाया जाता है क्योंकि यह मछलियों का मुख्य प्रजनन (अंडे देने का) समय होता है, इस दौरान मछलियाँ नदी और नालों में अंडे देती हैं,यदि इस समय मछली पकड़ी जाती है, तो मछलियों की नई पीढ़ी पैदा नहीं होगी और आने वाले समय में मछलियों की संख्या बहुत कम हो जाएगी।
इस रोक के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:-
वंश वृद्धि: –
मानसून में मछलियाँ अंडे देती हैं, प्रतिबंध से उन्हें बिना किसी रुकावटे के बच्चे देने का मौका मिलता है।
मछलियों का संरक्षण: –
यदि सभी बड़ी मछलियाँ और अंडे पकड़ लिए जाएँ, तो समुद्र या तालाब में मछलियाँ खत्म हो जाएगी।
सुरक्षा:-
बरसात में नदी-नाले उफान पर होते हैं और समुद्र में लहरें तेज होती हैं। प्रतिबंध से मछुआरों की जान का खतरा भी टल जाता है।
छत्तीसगढ़ का नियम: –
राज्य में आमतौर पर 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूरी तरह से रोक होती है,इस दौरान नदी और नालों में मछली पकड़ने पर जुर्माना भी लग सकता है।
जुर्माना किस तरह से
प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के द्वारा नदी तालाब बांध कहीं भी मछली पकड़ते हुए पाया गया तो उसे ₹25000 तक जुर्माना लग सकता है! क्योंकि यह वही समय है जब मछली अंडा देता है और उसके बढ़ने और विकासीत होने का समय होता है इसलिए इस समय मछली को पकड़ने पर उसका विकास व ग्रोथ पर दुष्प्रभाव पड़ता है और उसकी आबादी भी खत्म हो जाती है!
इसलिए मछली पकड़ने को लेकर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाता है इसके बाद भी अगर मछली पकड़ते हुए पाए जाते है तो 25000रूपया का जुर्माना लगाया जा सकता है !
इसलिए आप सभी सतर्क रहे, सावधान रहें, मछली पालन करके उसे पकड़ कर मार्केट में बेचकर उनका रोजी-रोटी चलता है लेकिन ऐसे व्यक्तियों को भी कुछ दिन रुकने की सलाह दि जाती है!


